गंगोह। क्षेत्र में धान की आवक के बीच हुई बारिश ने अनाज मंडी की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंडी में पर्याप्त में टीन शेड और जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण बड़ी मात्रा में धान खुले में भीग गया, जिससे किसानों और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हुआ। बारिश के दौरान मंडी परिसर में कई हिस्सों में पानी भर गया। खुले में रखी कृषि उपज को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। किसानों का कहना है कि यदि मंडी में पर्याप्त शेड, पक्के प्लेटफार्म और प्रभावी जल निकासी की व्यवस्था होती तो फसल को नुकसान से बचाया जा सकता था। व्यापारी संदीप कुमार, प्रदीप सैनी, रामनिवास, योगेश आदि ने आरोप लगाया कि मंडी समिति किसानों से शुल्क तो वसूलती है, लेकिन आवश्यक सुविधाएं नहीं देती।read more:https://pahaltoday.com/brahma-kumaris-launch-a-mega-campaign-for-100-million-anti-addiction-pledges/ उनका कहना है कि बारिश में धान भीगने से उसकी गुणवत्ता खघ्राब हो जाती है, जिससे खरीदार कम दाम लगते हैं और किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान होता है। किसानों ओर व्यापारियों ने संयुक्त रूप से मांग की है कि मंडी समिति में पर्याप्त टीन शेड, सुरक्षित भंडारण स्थल, पक्के प्लेटफार्म और बेहतर जल निकासी की व्यवस्था तुरंत कराई जाए। इससे भविष्य में बारिश के दौरान कृषि उपज सुरक्षित रह सकेगी और किसानों को नुकसान से बचाया जा सकता है।