देवबंद की शत्रु संपत्ति पर फिर मचा घमासान, भूमाफियाओं पर संरक्षण के आरोप

Share

देवबंद (सहारनपुर)। देवबंद स्थित करोड़ों रुपये मूल्य की शत्रु संपत्ति पर कथित अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने सहारनपुर मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार, जिलाधिकारी अरविंद कुमार चैहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। विकास त्यागी का आरोप है कि वर्ष 1989 में पाकिस्तान चली गई शालीहा खातून के नाम दर्ज शत्रु संपत्ति पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में थाना देवबंद में मुकदमा संख्या 1049/2025 दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई अपेक्षित स्तर पर नहीं हो रही है। उनका आरोप है कि मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में कहा गया है कि मुकदमे के एक नामजद आरोपी को पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने के बाद छोड़ दिया गया तथा अब मामले में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगाने की तैयारी की जा रही है। इसे लेकर शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष जांच पर सवाल उठाए हैं।read more:https://pahaltoday.com/fervor-of-devotion-to-lord-shiva-during-sawan-a-group-of-kanwariyas-sets-out-from-bhupganj-for-baidyanath-dham/ विकास त्यागी ने जिलाधिकारी से मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच देवबंद से बाहर की किसी स्वतंत्र पुलिस टीम एवं राजस्व विभाग की संयुक्त समिति से कराई जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर जांच होने से तथ्य प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित शत्रु संपत्ति पर अवैध रूप से एक मदरसा संचालित किया जा रहा है। इस मामले की भी अलग से जांच कराई जाए और यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित शत्रु संपत्ति को तत्काल सरकारी कब्जे में लिया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो अवैध कब्जा करने वालों और उन्हें संरक्षण देने वाले सभी लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मामले को लेकर प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शिकायत के बाद अब इस प्रकरण में प्रशासनिक कार्रवाई पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *