300 सौ साल पुरानी है पुरेश्वर महादेव मंदिर, श्रद्धालुओं की हर मनोकामना होती है पूरी

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हल्दी(बलिय)जिले का इकलौता एवं अद्भुत प्राचीन शिव मंदिर विकास खंड बेलहरी के पुरास गांव में है। यह 300 साल पुराना है। यहां अर्घे में तीन शिवलिंग एक ही साथ हैं। क्षेत्र के श्रद्धालुओं में इस भोलेनाथ के मंदिर में अथाह आस्था है। शिवभक्त यहां दूर-दूर से आते हैं और मनोती पूरी होने पर रुद्राभिषेक व अनुष्ठान आदि करते हैं।
पुरास गांव स्थित पुरेश्वर महादेव पर सबकी मन्नतें पूरी होती हैं। तीन-चार पीढ़ियों से पुलेश्वर महादेव मंदिर में भोग लगाने वाले पुजारी उपेंद्र गोस्वामी ने बताया कि यह मंदिर करीब 300 साल पुराना है। पूर्वजों के अनुसार पुरास गांव में रिकनी सिंह नाम के व्यक्ति थे, जिनकी कोई संतान नहीं थी। वे छितौनी स्थित छiteश्वर नाथ के मंदिर में प्रतिदिन पूजा करने आते थे। एक दिन रिकनी सिंह को रात में स्वप्न आया कि उनके खेत में ही भोलेनाथ विराजमान हैं।खेत की जोताई आरंभ की तो किसी पत्थर से हल टकरा गया। खुदाई करने पर तीन शिवलिंग वाला अर्घा मिला।read more:https://pahaltoday.com/mayawati-carries-out-a-major-organizational-reshuffle-relatives-by-marriage-ashok-and-randhir-expelled-from-the-bsp/ प्राण प्रतिष्ठा कराकर वहीं पर शिवलिंग को स्थापित कराया गया। कुछ दिन पूजा करने के बाद रिकनी सिंह को संतान हुई। वर्ष 2000 में गांव के लोगों ने मिलकर भव्य मंदिर का निर्माण कराया। शिव सुंदरी देवी ने मंदिर का निर्माण कराया था। जगदीश श्रीवास्तव ने वहां कुएं का निर्माण कराया। गांव के बुजुर्ग पूर्व प्रधान कैलाश मिश्र ने बताया कि मंदिर में भोलेनाथ के अलावा माता पार्वती व उनके पुत्र गणेश और कार्तिकेय विराजमान हैं।पक्का पोखरा और रास्ता जरूरी  मठिया गांव के रहने वाले मंदिर के पुजारी उपेंद्र गोस्वामी ने बताया कि तीन पीढ़ियों से हम लोग मंदिर में पुजारी के रूप में भोलेनाथ की सेवा करते चले आ रहे हैं। पुजारी ने कहा कि यहां मंदिर के बगल में कच्चा पोखरा है जिसे पक्का करने की जरूरत है। मंदिर पर आने वाला रास्ता भी खराब अवस्था में है, उसका भी निर्माण कराना बहुत जरूरी है।

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