गागलहेड़ी (सहारनपुर)। श्रावण मास में पुत्र धर्म और मातृभक्ति की एक भावुक मिसाल गागलहेड़ी क्षेत्र में देखने को मिली। पंचकूला निवासी राजकुमार ने अपनी पत्नी पूजा और 16 वर्षीय भतीजे आकाश के सहयोग से अपनी 60 वर्षीय माता जयदेवी की वर्षों पुरानी गंगा स्नान की इच्छा पूरी कर उन्हें हरिद्वार ले जाकर पवित्र गंगा में स्नान कराया। परिजनों के अनुसार जयदेवी पिछले करीब पांच वर्षों से पैरों की नसों की बीमारी के कारण ठीक से चल-फिर नहीं पा रही हैं। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते उनकी गंगा स्नान की इच्छा अधूरी रह गई थी। मां की अस्वस्थता के कारण राजकुमार भी पिछले पांच वर्षों से कांवड़ यात्रा पर नहीं जा सका था। उसके मन में हमेशा यह संकल्प था कि वह सबसे पहले अपनी मां की धार्मिक इच्छा पूरी करेगा।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/श्रावण मास के पावन अवसर पर राजकुमार ने अपनी पत्नी और भतीजे के साथ मिलकर मां को हरिद्वार पहुंचाया और विधि-विधान से गंगा स्नान कराया। गंगा स्नान के बाद जयदेवी ने भावुक होकर बेटे और परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया तथा उनके सुख-समृद्धि की कामना की। परिवार का कहना है कि जयदेवी लंबे समय से गंगा स्नान की इच्छा व्यक्त कर रही थीं। स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों के बावजूद बेटे, पुत्रवधू और भतीजे ने सेवा और समर्पण का परिचय देते हुए उनका यह सपना साकार कर दिया। श्रावण मास में मां के प्रति सेवा, सम्मान और समर्पण की यह प्रेरणादायक घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग राजकुमार और उनके परिवार की सराहना करते हुए इसे नई पीढ़ी के लिए मातृभक्ति और पारिवारिक संस्कारों का अनुकरणीय उदाहरण बता रहे हैं।