बहराइच। आलू उत्पादक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और भंडारण खर्च में राहत देने के लिए सरकार ने नवीन भामाशाह भाव स्थिरता योजना एवं भंडार प्रभार में अनुदान योजना शुरू की है। जिला उद्यान अधिकारी दिनेश चौधरी ने बताया कि योजनाओं का संचालन 01 जनवरी से 15 अप्रैल तथा 01 जुलाई से 31 अक्टूबर तक किया जाएगा।भाव स्थिरता योजना के तहत किसान को आलू उत्पादन लागत के 25 प्रतिशत अथवा उत्पादन लागत और बिक्री दर के अंतर में से जो राशि कम होगी, उतना अनुदान देय होगा। योजना का लाभ एफएक्यू गुणवत्ता वाले 30 से 80 एमएम आकार के आलू पर मिलेगा।वहीं, कोल्ड स्टोरेज शुल्क अनुदान योजना के तहत किसानों को प्रति क्विंटल 100 रुपये की दर से अधिकतम 200 क्विंटल आलू पर 20 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा। अधिकतम अनुमन्य क्षेत्रफल दो हेक्टेयर है।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/
ऑनलाइन पोर्टल पर होगा आवेदन, आधार लिंक्ड खाते में पहुंचेगी राशि
दोनों योजनाओं का क्रियान्वयन विभागीय पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। अनुदान की धनराशि लाभार्थी किसान के आधार लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेजी जाएगी। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खसरा-खतौनी, कोल्ड स्टोर आमद रसीद, गेट पास, लॉट नंबर और पेमेंट रसीद आदि दस्तावेज आवश्यक होंगे।कोल्ड स्टोरेज शुल्क का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने अपने नाम से आलू भंडारित किया है और खतौनी भी उनके नाम है। ऑनलाइन आवेदन के बाद प्राप्ति रसीद व आवश्यक अभिलेखों की प्रतियां जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में जमा करनी होंगी।