नजीबाबाद। पुलिस ने कथित हनी ट्रैप गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार महिलाओं के कब्जे से 13 फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए हैं। मामले की विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर चारों मुकदमों में बीएनएस की धारा 338, 336(3) और 340(2) की बढ़ोतरी की गई है।पुलिस के अनुसार मौ. आसिम पुत्र आफताब अहमद, साहिल पुत्र आसिफ, मुराद खान पुत्र अमजद खान और नवाब पुत्र अब्दुल वाहिद की अलग-अलग शिकायतों के आधार पर थाना नजीबाबाद में चार मुकदमे दर्ज किए गए थे। शिकायतकर्ताओं ने जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, दिलशाद और अन्य लोगों पर आपसी षड्यंत्र कर विभिन्न व्यक्तियों के विरुद्ध कथित तौर पर झूठे बलात्कार और सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे दर्ज कराने तथा बाद में समझौते के नाम पर धनराशि मांगने के आरोप लगाए थे।
पहले सात आरोपी जा चुके हैं जेल
पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण में मुख्य आरोपी जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, अफजाल, गुड्डी, कुन्ती, प्रीति, मौ. आसिफ और दिलशाद को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब विवेचना में प्रकाश में आई चार अन्य महिलाओं शायमा, अन्तिमा, शहाना परवीन और सानिया को गिरफ्तार किया गया है।
13 फर्जी आधार कार्ड बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शायमा पुत्री अब्दुल करीम, अन्तिमा पुत्री कमलेश गिरि, शहाना परवीन पत्नी सलीम अहमद और सानिया पुत्री सलीम अहमद के रूप में हुई है। सभी बिजनौर शहर क्षेत्र की निवासी बताई गई हैं। पुलिस के अनुसार इनके कब्जे से 13 फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette
मुकदमे में फंसाने का कथित तरीका
पुलिस के मुताबिक विवेचना में सामने आया है कि गिरोह लोगों के आपसी विवाद, पुरानी रंजिश अथवा अन्य मामलों की जानकारी जुटाकर उन्हें निशाना बनाता था। आरोप है कि इसके बाद गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाया जाता और समझौते के नाम पर धनराशि की मांग की जाती थी।पुलिस का दावा है कि मांग पूरी नहीं होने पर गिरोह से जुड़ी महिलाओं एवं अन्य सहयोगियों के माध्यम से अलग-अलग थानों और जनपदों में गंभीर आरोपों वाले मुकदमे दर्ज कराने तथा न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत कराने की कार्रवाई की जाती थी।
पूछताछ में कई मामलों का खुलासा
पुलिस के अनुसार पूछताछ में गिरफ्तार महिलाओं ने कथित तौर पर बताया कि वे जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा के संपर्क में थीं और पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार अलग-अलग लोगों के खिलाफ झूठी बलात्कार की घटनाओं की कहानी तैयार कराई जाती थी। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल और घटनाक्रम पहले से तय किया जाता था और बाद में उसी के आधार पर पुलिस अथवा न्यायालय के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराया जाता था।पुलिस के मुताबिक एक मामले में अमरोहा ले जाकर नवाब, आसिम और ओमेन्द्र के विरुद्ध कथित झूठी बलात्कार की घटना तैयार कराई गई थी। आरोप है कि इस काम के बदले शहाना को 50 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी और उसे यह रकम दी गई।
इसी तरह वर्ष 2023 के एक अन्य मामले में करीम उर्फ मुन्ना, तसलीम, सलीम और शिब्बू के खिलाफ कथित झूठा मुकदमा दर्ज कराने की योजना में अन्तिमा को शामिल किए जाने तथा उसके बदले 10 हजार रुपये देने की बात सामने आने का पुलिस ने दावा किया है।
कई जिलों में मामले दर्ज होने का दावा
पुलिस के अनुसार अब तक की विवेचना में गिरोह के सदस्यों और उनके सहयोगियों के विरुद्ध बिजनौर समेत विभिन्न जनपदों में कई अभियोग एवं न्यायालयी परिवाद सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आवश्यक कार्रवाई और विवेचना जारी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला आरोपी का हंगामा
“साहब हमें बचा लीजिए…”—रोते हुए महिला ने लगाई मदद की गुहार
हनी ट्रैप केस में चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस समय अचानक माहौल गरमा गया, जब महिला आरोपी रोते-बिलखते हुए हंगामा करने लगी। महिला ने अधिकारी के सामने अपनी बेगुनाही की गुहार लगाते हुए कहा कि “हमारी कोई गलती नहीं है, हमें गलत फंसाया जा रहा है।”पुलिसकर्मियों ने महिला को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह लगातार रोती-चिल्लाती रही और “साहब हमें बचा लीजिए” कहते हुए मदद की गुहार लगाती नजर आई। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।चार नई गिरफ्तारियों के बीच महिला आरोपी के इस हंगामे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोगों और मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।