सोनभद्र। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना का विरोध करते हुए कहा कि क्षेत्र के किसान अपनी पुश्तैनी और उपजाऊ जमीन नहीं खोना चाहते। उन्होंने मांग की कि यदि एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाना है तो उसका मार्ग ऐसी भूमि से तय किया जाए, जहां किसानों की खेती और आवास प्रभावित न हों।रविवार को चतरा विकासखंड के खुझ्झा भरसही गांव में पेड़ हैं तो प्राण हैं अभियान के तहत सैकड़ों ग्रामीणों एवं किसान परिवारों के बीच फलदार पौधों का वितरण किया गया। इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संदीप मिश्रा ने कहा कि विकास के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण उचित नहीं है।read more:https://khabarentertainment.in/major-action-by-the-food-safety-department-sauce-factory-raided-550-kg-of-stock-destroyed/उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे से आम लोगों की अपेक्षा बड़ी कंपनियों को अधिक लाभ होगा। उन्होंने कहा कि किसानों की सहमति के बिना किसी भी परियोजना को लागू करना न्यायसंगत नहीं है और किसान इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आगे भी संघर्ष जारी रखेगा। कार्यक्रम में बीडीसी सदस्य रामराज सिंह ने भी किसानों की चिंताओं का समर्थन करते हुए कहा कि क्षेत्र के अधिकांश किसान अपनी जमीन बचाना चाहते हैं। उन्होंने सरकार से किसानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए परियोजना के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की। इस अवसर पर सुरेंद्र मौर्य, रामराज सिंह, अभि सिंह, रमेश, सुरेश, गिरजा शंकर, आकाश चैहान, दिनेश भारती, विजय चैहान, शत्रुधन बिंद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं किसान मौजूद रहे।