सहारनपुर। जन शिकायतों के निस्तारण और पुलिस व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह माह में 146 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की है। इनमें 36 पुलिसकर्मियों को निलंबित, 110 को लाइनहाजिर किया गया, जबकि दो पुलिसकर्मियों पर मिस कंडक्ट की कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई एक जनवरी से 30 जून 2026 के बीच मिली शिकायतों और विभागीय जांच के आधार पर की गई। एसएसपी के निर्देश पर की गई कार्रवाई में सबसे अधिक 54 उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) कार्रवाई की जद में आए। इसके अलावा 25 निरीक्षक, बड़ी संख्या में हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल भी लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा शिकायतों में दोषी पाए गए। जांच पूरी होने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें पुलिस लाइन भेजा गया। निलंबित किए गए 36 पुलिसकर्मियों में एक निरीक्षक, 10 उपनिरीक्षक, 12 हेड कांस्टेबल और 13 कांस्टेबल शामिल हैं। वहीं एक उपनिरीक्षक और एक हेड कांस्टेबल के खिलाफ दुर्व्यवहार और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के आरोपों पर मिस कंडक्ट की कार्रवाई भी की गई है। जिले में वर्तमान में 22 थाने, एक साइबर थाना, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) तथा 100 से अधिक पुलिस चैकियां संचालित हैं। एसएसपी, एसपी सिटी और एसपी देहात कार्यालयों में प्रतिदिन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभिन्न शिकायतें प्राप्त होती हैं। इन्हीं शिकायतों की निष्पक्ष जांच के बाद दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।read more:https://khabarentertainment.in/asp-shubham-agarwal-reviewed-the-beat-police-personnel-at-the-police-office/ 7 फरवरी 2026 को जिले का कार्यभार संभालने के बाद से एसएसपी अभिनंदन सिंह लगातार पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आमजन के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें, शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें तथा विवेचनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। एसएसपी अभिनंदन सिंह ने कहा कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर कार्रवाई की गई है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी निष्ठा एवं मनोयोग से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी यदि किसी पुलिसकर्मी के विरुद्ध अनुशासनहीनता, लापरवाही, भ्रष्ट आचरण अथवा अवैध गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप सही पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस महकमे में हुई इस व्यापक कार्रवाई को अनुशासन और जवाबदेही स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इससे पुलिस व्यवस्था में कार्य संस्कृति और जवाबदेही बेहतर होगी तथा आम जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत होगा।