जमानियां। अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा एवं भाकपा (माले) के बैनर तले मंगलवार को जमानियां ब्लॉक मुख्यालय पर विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने विकसित भारत जी-रामजी कानून के तहत 125 दिन के बजाय पूरे वर्ष रोजगार की गारंटी, 729 रुपये प्रतिदिन मजदूरी लागू करने, 200 यूनिट मुफ्त बिजली, किसानों और गरीबों के कर्ज माफी, भूमिहीनों को पट्टा देने तथा कसेरा गांव के चकरोड को तत्काल बहाल करने सहित कई मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।read more:https://khabarentertainment.in/ghosiya-nagar-panchayats-entire-system-collapsed-during-just-five-minutes-of-rain/धरने को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के जिला कार्यकारिणी सदस्य लालजी वनवासी ने कहा कि सरकार ने मनरेगा के स्थान पर विकसित भारत जी-रामजी कानून लागू करने का दावा किया है, लेकिन अभी तक मजदूरों के जॉब कार्ड तक नहीं बनाए गए हैं। उन्होंने मांग की कि 125 दिन के बजाय सालभर रोजगार की गारंटी दी जाए और काम उपलब्ध न होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। साथ ही 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी मजदूरों को तत्काल जॉब कार्ड जारी कर रोजगार उपलब्ध कराया जाए।उन्होंने बिजली विभाग पर मनमाने ढंग से बढ़े हुए बिजली बिल भेजने और स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाकर गरीबों का आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने बकाया बिजली बिल माफ करने तथा पंजाब, हरियाणा और दिल्ली की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी 200 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से लिए गए गरीबों के कर्ज तथा किसानों के ऋण माफ करने की भी मांग उठाई।लालजी वनवासी ने कसेरा गांव में चकरोड पर कथित अतिक्रमण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा पैमाइश कराए जाने के बावजूद मौके पर चकरोड बहाल नहीं कराया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो भाकपा (माले) कसेरा मार्च कर चकरोड बहाल करने का आंदोलन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।भाकपा (माले) के वरिष्ठ नेता राम नगीना पासी ने जमानियां और गहमर पुलिस पर गरीबों की शिकायतों की अनदेखी तथा फर्जी मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया। उन्होंने तियरी गांव के विनोद गुप्ता, भैदपुर की नीलम तथा माले नेता रोहित बिंद से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच, पीड़ितों की एफआईआर दर्ज करने, फर्जी मुकदमे वापस लेने तथा पुलिस उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को मजदूरी का भुगतान अब तक नहीं मिला है, जिसे तत्काल उनके खातों में भेजा जाना चाहिए।धरने को संबोधित करते हुए मुराली वनवासी ने कहा कि तहसील क्षेत्र के कई गांवों में ग्राम समाज एवं बंजर भूमि पर पीढ़ियों से बसे गरीब परिवारों को बेदखली के नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई के बजाय ऐसे परिवारों को पट्टा देकर उनके आवासों का नियमितीकरण करने की मांग की।धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा और चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।धरने में राम अवध बिंद, राम नगीना पासी, मुराली वनवासी, लालू बिंद, राजनारायण कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।