अपने लिए जिए तो क्या जिए, पशु-पक्षी की भी प्यास बुझाए,जय प्रकाश गुप्ता

Share
गाजीपुर जमानियां। भूख-प्यास की तड़प से जब मानव व्याकुल हो जाता है। तो सहज ही समझा जा सकता है। कि दिनोंदिन प्रचंड गर्मी से आमजन के साथ राहगीरों एवं बेजुबान पशु-पक्षियों की क्या हाल होगी। इसी लिए अपने लिए जिए तो क्या जिए, पशु-पक्षी की भी प्यास बुझाने के लिए खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत किया जाना चाहिए। श्याम चौरसिया, भंडारी चौरसिया, शाहनवाज, वीरेंद्र कुमार, आरिफ आदि सहित लोगों का कहना रहा कि भूख-प्यास की तड़प से जब मानव व्याकुल हो जाता है। तो सहज ही समझा जा सकता है। कि दिनोंदिन प्रचंड गर्मी के चलते उन बेजुबान पशु-पक्षियों की क्या स्थिति होती होगी। लोगों ने बताया कि प्रचंड गर्मी में हर कोई अपना प्यास बुझाने के लिए पानी की तलाश में रहता है। नगर पालिका परिषद के सभी वार्डो को मिलाकर लगभग दर्जनभर से अधिक हैंडपंप पानी देना छोड़ दिया है। लगभग एक दो साल से खराब होकर आने जाने वाले के लिए शोपीस बना हुआ है। लोगों ने बताया कि गर्मी के इन चार महीनों में यदि अपने घरों के आसपास में पानी-दाना की व्यवस्था करनी चाहिए। इससे बड़ा पुण्य का काम और कुछ नहीं हो सकता है। लेकिन पालिका के उदासीनता के चलते खराब पड़े हैंडपंपों के साथ वाटर कुलर की मरम्मत कराने के बजाए सिर्फ विभागीय जिम्मेदार मूक दर्शक बनकर तमाशा देखते रहते है। जबकि ऐसे मौसम में लोगों को ठंडे पानी की जरूरत पड़ती है। अमन शांति एकता कमेटी के सरपरस्त नेसार खान वारसी ने कहा कि प्रचंड गर्मी में आमजन के साथ साथ इन बेजुबानों को गर्मी से बचाने की जिम्मेदारों के पास फुर्सत नहीं है। सरकारी दफ्तरों से लेकर लोगों के घरों तक की बात की जाए तो ज्यादातर जगहों पर कहीं भी इस तरह पानी नहीं रखा जाता कि गर्मी से बेहाल पशु-पक्षी अपनी प्यास बुझा सकें। हालांकि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कुर्सी पर विराजमान होते है।read more:https://pahaltoday.com/global-brokerage-firm-bernstein-wrote-a-letter-to-pm-modi-saying-economic-challenges-should-be-resolved/ ठोस व्यवस्था के लिए किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं करते हैं। जिन्हें आमजन के साथ राहगीरों सहित बेजुबान अपनी प्यास को बुझा सके। नगरवासियों ने नगर पालिका परिषद से अपील करते हुए। कहा कि सभी अपनी जरूरतों के बारे में तो खूब सोचते हैं। लेकिन खराब पड़े हैंडपंप, वाटर कुलर की नहीं करते मरम्मत। जिसके कारण राहगीरों के साथ इन बेजुबानों पशु-पक्षियों की हालत पर चर्चा नहीं करते है। आगे कहा कि गर्मी के दिनों में छोटे से प्रयास से पशु-पक्षियों के लिए बहुत कुछ किया जा सकता हैं। ऐसे में प्रचंड गर्मी में छोटे और सामान्य पहल से आमजन के साथ राहगीरों सहित सैकड़ों पशु-पक्षियों की जान बच सकती है। इस संबंध में पालिका अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि हैंडपंपों की मरम्मत कराने के लिए जल निगम को पत्र भेजने के लिए सूची तैयार की जा रही है। तबतक लोगों को चाहिए। कि  एक कटोरी या बर्तन में पीने लायक पानी अपनी बालकनी, छत, बरामदा, खिड़की, उद्यान या सड़क के किनारे रख देना चाहिए। ताकि बेजुबान अपनी प्यास को बुझाते रहे। है। उन्होंने बताया कि वे अपने घर के बाहर छत पर मिट्टी के बर्तन रखे हुए हैं। जिसमें रोजाना सुबह ही पानी भर देते हैं। ताकि प्यास से व्याकुल पशु-पक्षियों को पेयजल नसीब हो जाए। जय प्रकाश गुप्ता ने कहते है। कि अपने लिए जिए तो क्या जिए.पशु-पक्षियों की मदद करना सभी की सामाजिक जिम्मेदारी बनती है। छत या घर के बाहर एक जल पात्र रख देने से पक्षियों को इस गर्मी में पानी के लिए तरसना नहीं पड़ेगा। इसके लिए कुछ खास करने की भी जरूरत नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *