बुधवार, 05 अगस्त 2026 को ग्राम मत्रेपुर दाखिला रानीगंज में पुलिस द्वारा साइबर अपराध एवं साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान ग्रामवासियों को बढ़ते साइबर अपराधों, विशेषकर डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) जैसे नए साइबर ठगी के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।जागरूकता कार्यक्रम में बताया गया कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया ऐप, मोबाइल फोन, वीडियो कॉल एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों का उपयोग कर स्वयं को पुलिस, सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग अथवा अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते-धमकाते हैं। इसके बाद उन्हें कथित अपराध में फंसाने, जेल भेजने या कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर पैसे की मांग की जाती है। साथ ही पीड़ित को किसी अन्य व्यक्ति को घटना की जानकारी न देने की चेतावनी देकर मानसिक दबाव बनाया जाता है।read more:https://pahaltoday.com/protest-by-the-all-gondwana-students-association-and-the-gond-community/ग्रामवासियों को बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार के डिजिटल अरेस्ट या किसी अन्य साइबर अपराध का शिकार होता है, तो वह बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करे तथा भारत सरकार के साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराए। इसके अतिरिक्त अपने नजदीकी थाने में भी तत्काल सूचना देकर कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है।कार्यक्रम के दौरान लोगों से अपील की गई कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल, लिंक या पैसे की मांग पर विश्वास न करें, घबराएं नहीं और बिना सत्यापन के किसी भी व्यक्ति को धनराशि हस्तांतरित न करें। जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।