सहारनपुर। जनपद में युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे 7वें यंग भारत ओलंपियाड की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। इसी क्रम में सोमवार को विकास भवन स्थित मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में जनपद के 200 से अधिक स्कूलों एवं कॉलेजों के प्रधानाचार्यों की बैठक में जिलेभर के शैक्षणिक संस्थानों को इस अभियान से जोड़ने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुमित महाजन ने उपस्थित प्रधानाचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में केवल किताबी शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए भी तैयार करना जरूरी है। उन्होंने सभी विद्यालयों से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को यंग भारत ओलंपियाड में शामिल कराने की अपील करते हुए कहा कि यह पहल जिले के युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विद्यालय निरीक्षक जयकरण यादव एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी कोमल ने भी विद्यालयों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इस अवसर पर स्किलिंग यू के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण कुमार राजभर ने यंग भारत ओलंपियाड की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 20 जुलाई से शुरू होने वाला यह जिला स्तरीय अभियान सहारनपुर के 2 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसके अंतर्गत 1000 से अधिक स्कूलों एवं कॉलेजों के विद्यार्थियों को जोड़ा जाएगा। प्रतियोगिता में कक्षा 6 से लेकर स्नातक एवं उससे ऊपर तक के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे।read more:https://khabarentertainment.in/509-vidyut-sakhis-in-bijnor-receive-thermal-printers-instant-electricity-bill-receipts-will-now-be-available-at-doorsteps/उन्होंने बताया कि यंग भारत ओलंपियाड केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचानने, करियर जागरूकता बढ़ाने, भविष्य के कौशल विकसित करने और उन्हें रोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने का एक व्यापक अभियान है। प्रतियोगिता पूरी तरह ऑनलाइन होगी और विद्यार्थी अपने मोबाइल फोन के माध्यम से घर, स्कूल या किसी भी स्थान से इसमें भाग ले सकेंगे। प्रवीण कुमार राजभर ने बताया कि ओलंपियाड में शामिल होने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को सर्टिफिकेट, व्यक्तिगत करियर काउंसलिंग रिपोर्ट तथा घ्10,000 से अधिक मूल्य के निःशुल्क स्किल कोर्स दिए जाएंगे। इन कोर्सों में अंग्रेजी बोलना, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, इंटरव्यू स्किल्स, एआई फंडामेंटल्स, एमएस एक्सेल, कंप्यूटर बेसिक्स, ब्ब्ब् कॉन्सेप्ट्स और बेसिक पायथन जैसे भविष्य उन्मुख विषय शामिल हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार उन्हें करियर मार्गदर्शन, स्किल डेवलपमेंट, प्लेसमेंट सपोर्ट तथा उद्यमिता से जुड़े अवसरों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में सभी प्रधानाचार्यों ने जिले के अधिकतम विद्यार्थियों को इस अभियान से जोड़ने का संकल्प लिया ताकि सहारनपुर युवा प्रतिभाओं के विकास का एक मॉडल जिला बन सके। बैठक में सीए अर्जुन मित्तल, गजेंद्र सिंह, शिक्षा विभाग के अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।