बिजनौर। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और बिजली बिल संग्रह व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय कन्वर्जेंस समिति की बैठक में जिलाधिकारी जसजीत कौर ने जनपद की विद्युत सखियों को निःशुल्क थर्मल प्रिंटर वितरित किए।read more:https://pahaltoday.com/barabanki-festival-will-be-inaugurated-from-april-10/इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि थर्मल प्रिंटर मिलने से विद्युत सखियां गांव-गांव और घर-घर जाकर बिजली बिल जमा करने के साथ ही उपभोक्ताओं को मौके पर तत्काल रसीद उपलब्ध करा सकेंगी। इससे बिल संग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, कार्य में तेजी आएगी और उपभोक्ताओं को भी बेहतर सुविधा मिलेगी।उन्होंने बताया कि जनपद बिजनौर में वर्तमान में 509 विद्युत सखियां कार्यरत हैं, जो प्रत्येक माह ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर बिजली बिल का संग्रह करती हैं। इनके माध्यम से हर महीने दो करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल जमा कराया जाता है।जिलाधिकारी ने बताया कि विद्युत सखी योजना उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित की जा रही है। इस योजना से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। विद्युत सखियां प्रतिमाह लगभग 15 से 20 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है और विभिन्न विभागों के समन्वय से ऐसे नवाचार लगातार किए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें और उनकी आय में वृद्धि हो।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, डीसी मनरेगा, विद्युत विभाग के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में विद्युत सखियां उपस्थित रहीं।