बहराइच ( नानपारा )। राज्यकर विभाग के खंड कार्यालय, नानपारा में एसजीएसटी को लेकर व्यापारियों एवं विभागीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयुक्त राज्यकर हृषीकेश यादव, सहायक आयुक्त विशाल चौधरी एवं राजीव सिंह मौजूद रहे।वहीं नानपारा उद्योग व्यापार मंडल की ओर से अध्यक्ष सुहैल अहमद, राम प्रताप गुप्ता, सर्वेश टेकरीवाल सहित अन्य व्यापारी उपस्थित रहे।बैठक के दौरान व्यापारियों और अधिकारियों के बीच एसजीएसटी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। आयुक्त हृषीकेश यादव ने व्यापारियों से कहा कि क्षेत्र में एसजीएसटी संग्रह अपेक्षाकृत कम है। इसे बढ़ाने के लिए सभी व्यापारियों को सहयोग करना चाहिए तथा नियमों का पालन करते हुए समय से कर जमा करना चाहिए।इस पर व्यापारियों ने अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि भारत-नेपाल के बीच लंबे समय से रोटी-बेटी का संबंध और व्यापारिक गतिविधियां रही हैं।read more:https://pahaltoday.com/cmo-saved-the-lives-of-passengers-injured-in-a-road-accident/उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार द्वारा सीमा पर सख्ती बढ़ाए जाने के कारण एफएमसीजी (रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं) की बिक्री प्रभावित हुई है। बिक्री में कमी आने से व्यापारियों का कारोबार घटा है, जिसका सीधा असर कर संग्रह पर भी पड़ रहा है।बैठक के बाद दैनिक भास्कर से बातचीत मेंआयुक्त हृषीकेशयादव ने व्यापारियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की पेनल्टी से बचने के लिए समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल करें और ईमानदारीपूर्वक कर का भुगतान करें। उन्होंने कहा कि जो व्यापारी बिना पंजीकरण के व्यापार कर रहे हैं, उन्हें शीघ्र अपना जीएसटी पंजीकरण करा लेना चाहिए।उन्होंने बताया कि पंजीकृत व्यापारी होने के कई लाभ हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार पंजीकृत व्यापारी को 10 लाख रुपये तक के बीमा का लाभ मिलता है तथा वह एक सम्मानित एवं वैध करदाता के रूप में अपनी पहचान स्थापित करता है। उन्होंने सभी व्यापारियों से अपील की कि वे समय पर रिटर्न दाखिल करें, कर का नियमित भुगतान करें और यदि अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है तो जल्द से जल्द पंजीकरण कराएं।