बलिया। जनपद में सरयू नदी के बाद गंगा नदी का जलस्तर भी गुरूवार को खतरा बिन्दु पार कर गया।दोनों नदियों का जल स्तर निरन्तर बढ़ रहा है। जनपद की दोनों प्रमुख नदियों के जल स्तर में हो रहे बढ़ाव की वजह से तटबन्धीय इलाकाई लोगों की चिंताएं गहरी होती जा रही हैं। बता दें कि सरयू नदी का रौद्र रूप ने गोपालनगर टाड़ी तथा भोजपुरवा गांव में तांडव मचा रहा है। नदी की कटान की वजह से न केवल कृषि योग्य भूमि लगातार नदी में समाहित हो रही है बल्कि लोग अपने आशियाने अपने ही हाथों उजाड़कर दूसरी जगह पलायन कर रहे हैं।हालांकि जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ बचाव कार्य निरन्तर जारी है।लेकिन नदी का तल्ख तेवर का प्रभाव बाढ़ बचाओ कार्य पर भी पड़ रहा है।गोपाल नगर टाड़ी के ग्रामीणों ने कहा कि नदी यहां से करीब तीन किलोमीटर दूर थी। प्रतिवर्ष कटान करते-करते हमारे गांव तक पहुंच गयी और अभी तक करीब चार दर्जन से अधिक लोगों को इस वर्ष बेघर कर चुकी है।बताया कि यहां जो पार्कों पाइन विधि से बाढ़ बचाओ कार्य चल रहा है।वह बस्ती से दूर चल रहा है।read more:https://pahaltoday.com/district-magistrate-holds-meeting-of-the-district-drinking-water-and-sanitation-mission-issues-directives/जिसका फायदा बस्ती को नहीं मिलने वाला है।अगर बस्ती के सामने यह कार्य हुआ होता तो शायद हम लोगों का आशियाना नदी में नहीं समाया होता।सरयू नदी का जल स्तर डीएसपी हेड पर शुक्रवार को खतरा बिन्दु 64.01 के सापेक्ष 64.39 मीटर दर्ज किया गया। जो बुधवार की शाम 64.32 से 09 सेंटीमीटर बढ़ाव के साथ ऊपर है। वहीं चांदपुर गेज पर नदी का जल स्तर गुरुवार को खतरा बिन्दु 58.00 से 36 सेमी ऊपर 58.36 दर्ज किया गया।नदी गंगा का जल स्तर भी तेजी से बढ़ते हुए गुरूवार की सुबह। खतरा बिन्दु पार कर गया है।गायघाट गेज पर गंगा नदी का जलस्तर गुरूवार को खतरा बिन्दु 57.615 मीटर के सापेक्ष 57.84 मीटर दर्ज किया गया।बता दें कि नदी सरयू की लहरों के तांडव की वजह से बैरिया तहसील क्षेत्र अंतर्गत गोपाल नगर टाड़ी तथा बांसडीह तहसील क्षेत्र के भोजपुरवा आदि गांवों में 150 से अधिक परिवार बेघर हो चुके है।नदी सरजू का जल स्तर बढ़ने के साथ ही एक बार फिर तटबन्धीय इलाकाई लोगों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच दी है।