अपराध नियंत्रण को लेकर डीआईजी ने दिए कड़े निर्देश, 60 दिन से लंबित विवेचनाओं की होगी गहन समीक्षा

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बलिया। अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस उपमहानिरीक्षक की अध्यक्षता में पुलिस अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं, महिला अपराध, यातायात व्यवस्था और सोशल मीडिया समेत विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई।पुलिस उपमहानिरीक्षक ने समस्त क्षेत्राधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को महिला अपराधों के अभियुक्तों के विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हत्या, लूट, डकैती, गैंगरेप, गौ तस्करी, वाहन चोरी तथा मादक पदार्थों की तस्करी जैसे सनसनीखेज अपराधों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही गैंगस्टर के अभियुक्तों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को चिह्नित कर नियमानुसार सीज करने के निर्देश दिए गए।उन्होंने शासन द्वारा चलाए जा रहे अभियानों के तहत जनपद स्तर पर चिन्हित सनसनीखेज अपराधों में प्रभावी पैरवी कर अभियुक्तों को न्यायालय से सजा दिलाने पर जोर दिया। ऑपरेशन दृष्टि के तहत आमजन से समन्वय स्थापित करते हुए अधिक से अधिक क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए।
डीआईजी ने ओवरलोड वाहनों के अवैध संचालन पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा अवैध शराब के निष्कर्षण, भंडारण और बिक्री पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। सभी प्रमुख बाजारों, मार्गों, चौराहों और हाईवे पर रात्रि गश्त बढ़ाने के साथ ही प्रभावी चेकिंग अभियान चलाने को कहा गया।आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण जांच के साथ समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।read more:https://pahaltoday.com/ballia-police-receive-two-modern-interceptor-bikes-sp-omvir-singh-flags-them-off/थानों पर संचालित महिला हेल्पडेस्क के माध्यम से कम्युनिटी पुलिसिंग और महिला सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति के तहत आउटरीच कार्यक्रम चलाकर आमजन को लगातार जागरूक करने को कहा गया।विवेचना में पारदर्शिता एवं साक्ष्य की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ई-साक्ष्य (e-Sakshya) ऐप के माध्यम से घटनास्थल की डिजिटल वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी करने तथा उसकी जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अपराधियों की निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए यक्ष (Yaksh) ऐप पर हिस्ट्रीशीटरों से संबंधित डेटा को तत्काल अपडेट करने को कहा गया।गोष्ठी में सी-प्लान के संबंध में भी चर्चा की गई। सोशल मीडिया पर सतर्क दृष्टि रखने तथा राष्ट्र विरोधी, भ्रामक एवं गलत संदेश या सूचनाओं को किसी भी प्लेटफार्म पर प्रसारित करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
60 दिन से अधिक पुरानी विवेचनाओं की समीक्षा
डीआईजी ने थानों पर लंबे समय से लंबित विवेचनाओं, विशेष रूप से 60 दिनों से अधिक पुराने मामलों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य संकलन करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर चार्जशीट अथवा अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवेचनाओं में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
मोहर्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
आगामी मोहर्रम पर्व के दृष्टिगत कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा प्रबंधों की भी समीक्षा की गई। डीआईजी ने सभी राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित गश्त एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी संजय वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ला, समस्त क्षेत्राधिकारी तथा अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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