नकुड़ (सहारनपुर)। कस्बे के यूनियन बैंक के निकट स्थित शिव मंदिर में मंगलवार से श्री शिव महापुराण ज्ञानामृत सप्ताह का शुभारंभ भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे और जयकारों के बीच कलश यात्रा निकालकर पूरे नगर का भ्रमण किया। धार्मिक वातावरण में निकली यात्रा का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के जयघोष के साथ नगर को भक्तिमय बना दिया। कथा के प्रथम दिवस व्यासपीठ से प्रवचन करते हुए आचार्य श्री गौरव दीक्षित ने कहा कि भगवान शिव अजर-अमर, कल्याणकारी और समस्त सृष्टि के मंगलदाता हैं। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को भगवान का प्रेम और उनकी भक्ति प्राप्त हो जाती है, वही वास्तव में भाग्यशाली होता है। भगवान को जानने की जिज्ञासा ही मनुष्य को आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाती है। आचार्य ने कहा कि वर्तमान कलियुग में मनुष्य अनेक प्रकार के कष्टों और मानसिक तनाव से घिरा रहता है, लेकिन जो व्यक्ति भक्ति को अपने जीवन में धारण कर लेता है, वह कलियुग के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रहता है। उन्होंने कहा कि जीवन के तीनों तापों से मुक्ति पाने का सबसे सरल मार्ग भगवान शिव की आराधना और शिवपुराण का श्रवण है। उन्होंने कहा कि भगवान शंकर सभी जीवों पर समान कृपा रखने वाले देव हैं।read more:https://pahaltoday.com/district-magistrate-holds-meeting-of-the-district-drinking-water-and-sanitation-mission-issues-directives/ देवता हों या दैत्य, महादेव सभी पर समान दृष्टि रखते हैं। उनका स्मरण, नाम और ध्यान जीवन में सुख, शांति और मंगल का संचार करता है। शिवपुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। कथा प्रारंभ होने से पूर्व वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया गया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। समिति के सदस्यों ने बताया कि 4 अगस्त से 10 अगस्त तक प्रतिदिन श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर अनूप शर्मा, प्रदीप भाकला, सोनू वर्मा, रुकमेश सैनी, विकास सैनी, प्रदीप वर्मा, अमित कपिल, मनोज सैनी, वंदना शर्मा, अमिता मित्तल, पूनम, मीनाक्षी, रीना, संतोष, शालू, सावित्री, अलका सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।