गाजीपुर । महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र गाजीपुर ने एक बार फिर सराहनीय कार्य करते हुए आपसी मतभेद के कारण अलग हुए एक परिवार को मध्यस्थता के जरिए पुनः एकजुट कर दिया। गिले-शिकवे भुलाकर दंपति ने राजी-खुशी साथ रहने का निर्णय लिया और उनकी सकुशल विदाई कराई गई।read more:https://khabarentertainment.in/during-the-review-of-departmental-progress-presented-by-the-social-welfare-officer-when-extremely-poor-progress-was-found-in-the-schemes-salary-was-stopped-and-instructions-were-given-to-seek/पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन में शुक्रवार को आयोजित परामर्श सत्र में पति-पत्नी के विवाद से जुड़े कुल 16 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इनमें से लंबे समय से लंबित चल रहे एक मामले में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर काउंसलिंग के माध्यम से बिना किसी दबाव के सहमति बनाई गई, जिसके बाद दंपति ने आपसी सहमति से साथ रहने का निर्णय लिया। इसके अतिरिक्त 6 मामलों में समझौता होने के बाद पत्रावली बंद कर दी गई, जबकि 5 प्रकरणों में विधिक सलाह देते हुए निस्तारण किया गया। शेष मामलों में अभी सहमति न बन पाने के कारण अगली तिथि निर्धारित की गई है। इन मामलों के निस्तारण में काउंसलर कमरूद्दीन, वीरेंद्र नाथ राम, पूजा श्रीवास्तव, महिला आरक्षी सोनाली, महिला आरक्षी अभिलाषा तथा आरक्षी शिव शंकर यादव सहित अन्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।