कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संबंध में एक प्रभावी एवं विचारोत्तेजक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित महिला वक्ताओं ने सहभागिता करते हुए अधिनियम के प्रावधानों, उसकी प्रासंगिकता एवं महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण में उसकी भूमिका पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। प्रेसवार्ता में शिक्षाविद एवं पूर्व प्राचार्य डॉ. शशि किरन ने अधिनियम को महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि इससे निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी और प्रभावशीलता में वृद्धि होगी। चिकित्सक डॉ. सुनीता यादव ने कहा कि समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से सामाजिक संरचना मजबूत होगी तथा स्वास्थ्य एवं विकास के मानकों में भी सुधार आएगा। अधिवक्ता उमा मिश्रा ने अधिनियम के विधिक पक्षों पर प्रकाश डालते हुए इसके पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं पर्यावरणविद गुंजा जैन ने इसे सतत विकास से जोड़ते हुए कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर्यावरण संरक्षण को भी नई दिशा देगी।read more:https://khabarentertainment.in/rural-talent-shines-in-mera-gaon-mera-innovation-children-showcase-their-skills/ स्वयं सहायता समूह से जुड़ी गुंजन, नम्रता तथा एफपीओ की पूनम पाल ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक निर्णयों में अधिक सशक्त बनाएगा। सभी वक्ताओं ने एकमत से कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में नई पहचान और अवसर प्रदान करेगा, जिससे राष्ट्र के समग्र विकास में उनकी भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। इस अवसर पर जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।