बाराबंकी। जिले में प्राथमिक विद्यालय सहावर प्रथम में कक्षा-3 के छात्र अंशू की सर्पदंश से हुई दर्दनाक मौत के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के निर्देश पर गठित त्रिसदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) नवीन कुमार पाठक ने विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक सुरेन्द्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई विद्यालय परिसर में साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की पुष्टि होने के बाद की गई है। बीएसए द्वारा जारी निलंबन आदेश के अनुसार 27 जुलाई 2026 को प्राथमिक विद्यालय सहावर प्रथम के छात्र अंशू को विद्यालय परिसर में सर्पदंश हुआ था। इलाज के लिए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की संयुक्त त्रिसदस्यीय जांच समिति गठित की गई। समिति ने बीते 29 जुलाई को अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी। जांच में सामने आया कि विद्यालय परिसर में बड़ी-बड़ी घास, झाड़ियां और गंदगी फैली हुई थी। नियमित साफ-सफाई नहीं कराई गई थी और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद लचर थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा परिसर का समुचित निरीक्षण एवं रखरखाव नहीं किया गया, जिसके कारण यह दुखद घटना हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली एवं अनुशासनात्मक प्रावधानों के तहत प्रभारी प्रधानाध्यापक सुरेन्द्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें प्राथमिक विद्यालय टिभुई खेड़ा, विकास खंड त्रिवेदीगंज से संबद्ध किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। बहरहाल, खंड शिक्षा अधिकारी हैदरगढ़ को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा और परिसर की साफ-सफाई को लेकर यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते विद्यालय परिसर की झाड़ियों की सफाई कराई गई होती तो शायद यह हादसा टल सकता था। अब सभी की निगाहें विभागीय जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।read more:https://pahaltoday.com/cmo-saved-the-lives-of-passengers-injured-in-a-road-accident/
बीईओ को सौंपी गई विभागीय जांच
बीएसए ने मामले की विस्तृत विभागीय जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी, हैदरगढ़ को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच अधिकारी को आरोप-पत्र जारी कर नियमानुसार जांच पूरी करने तथा जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि छात्र अंशू की मौत के बाद विद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और स्टाफ की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने विद्यालय परिसर में फैली झाड़ियों और लापरवाही को हादसे की प्रमुख वजह बताया था। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रभारी प्रधानाध्यापक के निलंबन के बाद मामले में विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। आगे जांच रिपोर्ट के आधार पर अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
जांच रिपोर्ट में क्या-क्या मिली खामियां
ऽ विद्यालय परिसर में अत्यधिक घास और झाड़ियां मिलीं।
ऽ नियमित साफ-सफाई नहीं कराई गई।
ऽ सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही पाई गई।
ऽ प्रभारी प्रधानाध्यापक ने परिसर का समुचित निरीक्षण नहीं किया।
ऽ लापरवाही को छात्र की मौत का प्रमुख कारण माना गया।
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