देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में राहुल गांधी के नाम पर हुई ठगी के सनसनीखेज मामले ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है।कांग्रेस नेता भावना पांडेय से नेतृत्व परिवर्तन और अच्छे लोगों को टिकट दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये ऐंठने वाले गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान गोदियाल बेहद भावुक नजर आए और उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों से उनके खिलाफ गहरी साजिश रची जा रही थी। उन्होंने बताया कि शातिर ठग ने राहुल गांधी का पीए बनकर उन्हें भी अपने जाल में फंसाने की कोशिश की थी, जिसके कारण वे कई रातों तक सो नहीं पाए। गोदियाल ने खुलासा किया कि ठग का फोन उनके पास भी आया था और एक पल के लिए वह उसकी बातों के झांसे में आ गए थे। हालांकि, जब ठग ने मामले में सेटलमेंट की बात शुरू की, तब उन्हें गहरा शक हुआ। उन्होंने भावुक होकर कहा कि राजनीतिक गलियारों में उनकी छवि धूमिल करने और उन्हें पद से हटाने के लिए विरोधी निचले स्तर तक गिर गए हैं। गोदियाल ने उत्तराखंड पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अंदेशा जताया कि पुलिस शायद किसी ऊपरी दबाव में आकर पूरी सच्चाई को उजागर नहीं कर रही है।read more:https://khabarentertainment.in/a-total-of-6863-vehicles-were-challaned-during-the-one-month-checking-campaign/उन्होंने मांग की कि इस साजिश के पीछे छिपे असली चेहरों को बेनकाब किया जाना चाहिए ताकि जनता को पता चल सके कि इस खेल में कौन-कौन शामिल था। वहीं, इस मामले में कांग्रेस नेता डॉ. हरक सिंह रावत ने भी स्वीकार किया कि ठग ने उनसे संपर्क साधा था। उन्होंने पुलिस से इस पूरे गिरोह की गहनता से छानबीन करने की मांग की है। दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ठग द्वारा किसी भी तरह के संपर्क किए जाने की बात से साफ इनकार कर दिया है। ठगी की शिकार हुई भावना पांडेय ने अपना पक्ष रखते हुए दावा किया कि उन्होंने किसी लालच में नहीं, बल्कि प्रदेश को गलत हाथों में जाने से बचाने और योग्य लोगों को टिकट दिलाने के उद्देश्य से यह रकम दी थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के सदस्य बेहद शातिर तरीके से काम कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपी गौरव कुमार के साथ छज्जू, रजत, मदन, मनिंदर और कालू भी इस गैंग का हिस्सा हैं। पुलिस और एसओजी की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी पंजाब से टैक्सी बदलकर भावना पांडेय के पास पहुंचे थे ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के अनुसार, बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरे नेक्सस और इसके पीछे के असली मास्टरमाइंड के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल पाएगी। फिलहाल, इस घटना ने उत्तराखंड के सियासी हलकों में शुचिता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।