मंडावली। थाना क्षेत्र में चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि पुलिस की रात्रि गश्त पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीती रात गदाई और गांवड़ी रोड के जंगलों में चोरों ने सुनियोजित तरीके से धावा बोलते हुए 8 किसानों के ट्यूबवेलों को निशाना बनाया। लगातार हो रही इन घटनाओं से अन्नदाता आक्रोशित और दहशत में हैं।एक ही रात में कई किसानों को बड़ा नुकसानread more:https://khabarentertainment.in/the-light-of-learning-culture-and-creativity-an-unforgettable-saga-of-the-second-convocation-with-udaan-2026/
चोरों ने अलग-अलग स्थानों पर वारदातों को अंजाम देते हुए इरफान के ट्यूबवेल की दीवार काटकर (कुंबल लगाकर), विकास के ट्यूबवेल का ताला तोड़कर, खुर्शीद के ट्यूबवेल से बाहर से केबल काटकर हजारों रुपये का सामान पार कर दिया। वहीं गांवड़ी रोड पर सुरेश कुमार, सुंदर चौहान, महेश शर्मा, सुनील कुमार और भगवत सिंह के ट्यूबवेलों से भी कीमती केबल चोरी कर ली गई।15 दिन में 24 वारदातें, पुलिस खाली हाथ,किसानों का कहना है कि पिछले 15 दिनों में करीब 24 ट्यूबवेलों से केबल चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। मीरमपुर बेगा, मुस्सेपुर और भागुवाला जैसे क्षेत्रों में भी लगातार चोरी की वारदातें सामने आ रही हैं, लेकिन पुलिस अब तक एक भी मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। किसानों का फूटा गुस्सा भारतीय किसान संगठन एकता के जिलाध्यक्ष जाहिद मकरानी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा, “चोर ताले तोड़ रहे हैं, दीवारें काट रहे हैं और पुलिस सो रही है। अगर यही हाल रहा तो किसान खेतों में जाना छोड़ देंगे। जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।” गश्त पर उठे सवाल ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की रात्रि गश्त केवल कागजों तक सीमित है। जिस तरह चोर बेखौफ होकर कटर से केबल काट रहे हैं और दीवारें तोड़ रहे हैं, उससे साफ है कि उन्हें कानून का कोई डर नहीं है। पुलिस जांच में जुटी, लेकिन भरोसा कम
सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया है और जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन पीड़ित किसानों का भरोसा अब डगमगा गया है। किसानों ने साफ कहा है कि यदि जल्द ही चोरियों का खुलासा नहीं हुआ और प्रभावी गश्त शुरू नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
लगातार बढ़ती चोरियां न सिर्फ किसानों की आजीविका पर हमला हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। अब निगाहें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं।