डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के सभागार में आज एक व्यापक छात्र समस्या निवारण बैठक का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य इग्नू के विद्यार्थियों की शैक्षणिक, प्रशासनिक, पंजीकरण और परीक्षा से जुड़ी विभिन्न जिज्ञासाओं व समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना था, ताकि दूरस्थ शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं को अपने अध्ययन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ हुई। इस पूरे कार्यक्रम का सुंदर एवं प्रभावशाली मंच संचालन प्रो. दीपाली जैन द्वारा किया गया, जिन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी से कार्यक्रम को बेहद सुचारू रूप से आगे बढ़ाया। इस गरिमामयी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रीता चौहान ने अपनी प्रेरणादायी उपस्थिति दर्ज कराई। अपने संबोधन में उन्होंने दूरस्थ शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का युग ज्ञान और कौशल का युग है, जहाँ इग्नू जैसी संस्थाएं उन युवाओं के सपनों को पंख दे रही है जो किन्हीं व्यक्तिगत या आर्थिक कारणों से नियमित कक्षाओं का हिस्सा नहीं बन पाते। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपनी पठन-पाठन प्रक्रिया में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ें, क्योंकि इग्नू का मुख्य ध्येय समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा पहुँचाना है।
read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/उन्होंने छात्रों को समय पर अध्ययन सामग्री प्राप्त करने, अपने असाइनमेंट को पूरी तन्मयता से तैयार कर समय पर जमा करने तथा परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी विश्वास दिलाया कि छात्रों की हर एक व्यावहारिक समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इग्नू अध्ययन केंद्र 29072 के समन्वयक प्रो. बिष्णु मोहन दास ने अपने वक्तव्य में केंद्र की अब तक की उपलब्धियों और भावी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह अध्ययन केंद्र विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को गढ़ने और उन्हें एक बेहतर मंच प्रदान करने के लिए पूरी तरह समर्पित है।उन्होंने अपने संबोधन के अंत में सभी सम्मानित अतिथियों, वक्ताओं, प्राध्यापकों, कर्मचारियों और कार्यक्रम में भारी संख्या में उपस्थित ऊर्जावान विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।इस खुली चर्चा और संवाद सत्र के दौरान विद्यार्थियों को सीधे मंच के माध्यम से अपनी अकादमिक और तकनीकी समस्याओं को रखने का खुला अवसर मिला। उपस्थित अधिकारियों ने छात्रों के प्रश्नों को गंभीरतापूर्वक सुना और उनके त्वरित समाधान का पूर्ण आश्वासन दिया। प्रश्नोत्तर और संवाद के इस दौर ने छात्रों में एक नया आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। यह बैठक इग्नू के विद्यार्थियों के अकादमिक सफर को और अधिक सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित हुई। इस कार्यक्रम मे डॉ के के शर्मा, कार्यक्रम के संयोजक डॉ के के सिंह, श्री राज कुमार, श्री भवानी, श्री जितेंद्र, श्री अनिल, श्री रोशन, श्री मनोज, श्री नीरज सहित अन्य सदस्य मौजूद थे। अंत मे अध्ययन केंद्र के सहायक समन्वयक कुमार सत्यम ने धन्यावाद ज्ञापन दिया।