बलिया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया अनिल कुमार झा के आदेशानुसार मंगलवार को दीवानी न्यायालय परिसर में स्थायी लोक अदालत के कार्यों को लेकर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्थायी लोक अदालत, बलिया के अध्यक्ष राम बिलास प्रसाद एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव चन्द्र प्रकाश तिवारी ने किया। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव चन्द्र प्रकाश तिवारी ने अधिवक्ताओं एवं आमजन को स्थायी लोक अदालत के गठन, कार्यप्रणाली एवं क्षेत्राधिकार के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्थायी लोक अदालत के माध्यम से जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों का समाधान सुलह एवं समझौते के आधार पर कराया जा सकता है।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette इससे पक्षकारों को कम समय में सरल एवं सुलभ न्याय प्राप्त करने में मदद मिलती है। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष राम बिलास प्रसाद ने बताया कि सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं में बिजली, पानी, अस्पताल, परिवहन और बीमा आदि से जुड़े विवादों का त्वरित एवं कम खर्च में समाधान स्थायी लोक अदालत के माध्यम से कराया जा सकता है। यह सामान्य अदालतों से अलग एक स्थायी निकाय है, जहां मामलों का निस्तारण मुख्य रूप से आपसी सुलह-समझौते के आधार पर किया जाता है। उन्होंने बताया कि स्थायी लोक अदालत में मामला दर्ज कराने के लिए किसी न्यायालय शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ता है। स्थायी लोक अदालत द्वारा पारित निर्णय सभी पक्षों पर बाध्यकारी होता है तथा उसके विरुद्ध किसी अन्य अदालत में अपील नहीं की जा सकती। एक करोड़ रुपये तक के दावों से जुड़े विवादों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण स्थायी लोक अदालत में कराया जा सकता है। कार्यक्रम में क्रिमिनल बार के अध्यक्ष देवेन्द्र नाथ मिश्रा, सिविल बार के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह, सिविल बार के सचिव एसबी सिंह, अधिवक्तागण, कर्मचारीगण एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।