गाजीपुर। जिले में मौसम के लगातार बदलते मिजाज के बीच डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। संभावित संक्रमण को देखते हुए महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, गाजीपुर प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए 10 शैय्याओं का विशेष डेंगू वार्ड स्थापित कर दिया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दावा किया है कि डेंगू की जांच, उपचार और आवश्यक संसाधनों की पूरी व्यवस्था कर ली गई है।मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. आनंद मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में एक डेंगू मरीज विशेष वार्ड में भर्ती है, जिसका विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ओपीडी में आने वाले जिन मरीजों में डेंगू के लक्षण या संक्रमण की आशंका मिल रही है, उनकी तत्काल जांच कराई जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें भर्ती कर समुचित इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में डेंगू की जांच के लिए आवश्यक किट, दवाएं, उपचार की समुचित व्यवस्था और प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम उपलब्ध है। अस्पताल प्रशासन डेंगू एवं मलेरिया से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।read more:https://pahaltoday.com/the-birthday-of-senior-physician-and-social-worker-dr-manoj-verma-was-celebrated-with-great-enthusiasm/प्रो. आनंद मिश्रा ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि बरसात के मौसम में घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही मच्छरों के पनपने का सबसे बड़ा कारण बनता है। उन्होंने लोगों को पूरी बांह के कपड़े पहनने, मच्छरदानी तथा मच्छररोधी साधनों का नियमित उपयोग करने की सलाह दी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, आंखों के पीछे दर्द या शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना चिकित्सकीय सलाह के स्वयं दवा लेने से बचें। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लें, ताकि समय रहते जांच और उपचार शुरू किया जा सके।मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में डेंगू की रोकथाम और उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है तथा आमजन के सहयोग से ही इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।