भदोही। कोतवाली भदोही एवं साइबर क्राइम थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में साइबर वज्र अभियान के तहत 5 म्यूल खाताधारक गिरफ्तार किए गए। संयुक्त टीम ने 18 एनसीआरपी शिकायतों में 50 लाख रुपए से अधिक की ठगी का भी पर्दाफाश किया। पुलिस ने सभी को संबंधित धाराओं में जेल भेज दिया। एएसपी शुभम अग्रवाल ने शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार कक्ष में पत्रकारों से वार्ता के दौरान इसका खुलासा करते हुए बताया कि मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों पर एनसीआरपी एवं जेएमाईएस पोर्टल पर चिन्हित म्यूल बैंक खातों की शिकायतों का परीक्षण एवं जांच की गई। जांच में बैंक खातों के ट्रांजेक्शन, केवाईसी अभिलेख, मोबाइल नंबर एवं अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण से मो.इरफान, अमन, गुफरान, समीर अंसारी एवं सैदान अंसारी के नाम से संचालित 5 म्यूल बैंक खाते चिन्हित किए गए। इन खातों पर विभिन्न राज्यों से कुल 18 एनसीआरपी साइबर धोखाधड़ी शिकायतें दर्ज थीं। इनमें कर्नाटक एवं मध्यप्रदेश में अभियुक्त इरफान एवं गुफरान के विरुद्ध 2 अभियोग भी दर्ज हैं। इनके माध्यम से कुल करीब 50 लाख रुपए की धनराशि विभिन्न साइबर अपराधों द्वारा उगाही गई थी।read more:https://pahaltoday.com/cmo-saved-the-lives-of-passengers-injured-in-a-road-accident/ उन्होंने बताया कि जांच में स्पष्ट हुआ कि विभिन्न राज्यों से प्राप्त धोखाधड़ी की धनराशि पहले इन खातों में आती थी, फिर एईपीएस, एटीएम, यूपीआई एवं अन्य माध्यमों से निकासी एवं स्थानांतरण की जाती थी। साक्ष्यों के आधार पर भूमिका सिद्ध होने पर कोतवाली भदोही में धारा 318(4), 317(4) बीएनएस व 66 डीआईटी एक्ट पंजीकृत कर 5 अभियुक्तों मो.इरफान पुत्र मो.इसरार, निवासी पचभैया, अमन पुत्र वाहिद, निवासी गौरियाना, गुफरान पुत्र नसीम, निवासी कटरा बाजार, समीर अंसारी पुत्र मोइउद्दीन, निवासी जमुंद व सैदान अंसारी पुत्र नसीम, निवासी नूरेइस्लामपुर कोतवाली भदोही को भदोही रेलवे स्टेशन के बाहर सर्कुलेटिंग एरिया मोटरसाइकिल स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया गया, जबकि 3 अन्य वांछित अभियुक्तों की तलाश जारी है। एएसपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि ये लोग व्हाट्सएप एवं टेलीग्राम पर फर्जी निवेश, टास्क और शेयर मार्केट के नाम पर ग्रुप बनाकर लोगों को एपीके फाइल, फर्जी क्यूआर और लिंक भेजते थे। ठगी की रकम पहले म्यूल खातों में आती थी, फिर यूपीआई, एटीएम, एईपीएस से निकाल ली जाती थी।