आजमगढ़। थाना सिधारी पुलिस ने साइबर ठगी की शिकार एक महिला शिक्षामित्र को बड़ी राहत दिलाते हुए उनके खाते से ठगे गए ₹32,999 वापस करा दिए। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और साइबर सेल आजमगढ़ के तकनीकी सहयोग से पूरी धनराशि नियमानुसार पीड़िता के बैंक खाते में वापस कराई गई।read more:https://khabarentertainment.in/staff-nurse-accuses-blood-center-operator-of-sexual-harassment-intimidation-and-mental-harassment-case-registered/पुलिस के अनुसार, महिला को एक अज्ञात व्यक्ति ने स्वयं को निर्वाचन अधिकारी बताकर फोन किया। आरोपी ने मतगणना ड्यूटी के मानदेय का भुगतान कराने का झांसा दिया और ऑनलाइन प्रक्रिया के नाम पर डिजिटल भुगतान माध्यम से ₹32,999 की साइबर ठगी कर ली। शिकायत मिलते ही थाना सिधारी की साइबर टीम सक्रिय हुई और आवश्यक कार्रवाई करते हुए पीड़िता की पूरी रकम वापस दिला दी।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल पर बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी, पासवर्ड या स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई सरकारी अधिकारी बनकर पैसे भेजने या मानदेय दिलाने का दावा करे तो पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य करें।किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं या www.cybercrime.gov.in� पर ऑनलाइन शिकायत करें तथा निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्प डेस्क से तत्काल संपर्क करें।इस कार्रवाई में महिला उपनिरीक्षक स्मिता गुप्ता, कांस्टेबल महेश कुमार, पवन गुप्ता और सोनू कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।