‘बिजनौर। नांगल सोती थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया के जरिए पुलिस पर दबाव बनाने का मामला सामने आया है, जहां एक दिव्यांग युवक द्वारा ‘आत्महत्या’ की चेतावनी वाला वीडियो पोस्ट किए जाने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। हालांकि पुलिस जांच में मामला व्यक्तिगत विवाद का निकला, जिससे पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े हो गए हैं।read more:https://khabarentertainment.in/angry-over-not-receiving-honorarium-village-employment-officer-akash-tripathi-resigned/
मानवीर सिंह नामक युवक ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर खुद को बीमार और पीड़ित बताते हुए आत्महत्या की बात कही थी। वीडियो में उसने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस दबंगों के प्रभाव में आकर उसका मानसिक और आर्थिक शोषण कर रही है, जिससे वह पढ़ाई और भविष्य को लेकर परेशान है।वीडियो के वायरल होते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले का संज्ञान लिया और युवक से उसके दावों के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी। पुलिस के अनुसार, गहन जांच में सामने आया कि यह दो पक्षों के बीच पुराना निजी विवाद है, जिसे युवक ने सोशल मीडिया के जरिए दबाव बनाने के उद्देश्य से उछाला।सूत्रों के मुताबिक, पुलिस द्वारा तथ्य मांगे जाने के बाद युवक ने स्वयं ही अपनी पोस्ट हटा ली, जिससे मामले की गंभीरता पर सवाल उठने लगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या जैसे संवेदनशील विषय का इस तरह उपयोग करना न केवल कानूनन गलत है, बल्कि समाज में भ्रम की स्थिति भी पैदा करता है।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी शिकायत के लिए विधिक प्रक्रिया अपनाना ही उचित तरीका है। सोशल मीडिया के माध्यम से सनसनी फैलाना या प्रशासन की छवि खराब करने का प्रयास गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है।इस संबंध में प्रेस क्लब स्योहारा के संरक्षक डॉ. वीरेंद्र पुष्पक ने कहा कि सोशल मीडिया एक सशक्त मंच है, लेकिन इसका दुरुपयोग कर भ्रामक जानकारी फैलाना वास्तविक पीड़ितों की आवाज को कमजोर करता है। नांगल सोती की यह घटना इसी प्रवृत्ति की ओर संकेत करती है। एक वायरल वीडियो से शुरू हुआ मामला जांच में निजी विवाद साबित होने के बाद यह सवाल छोड़ गया है कि क्या सोशल मीडिया अब दबाव बनाने का नया हथियार बनता जा रहा है।