नजीबाबाद। विकासखंड नजीबाबाद के ग्राम जलाबपुर गुड्डांड स्थित पंचायत घर में न्याय पंचायत एवं ब्लॉक स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों को उर्वरकों का वितरण तय मानकों के अनुसार करने और संतुलित उपयोग सुनिश्चित कराने पर जोर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता उप कृषि निदेशक डॉ. घनश्याम वर्मा, जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया, जिला गन्ना अधिकारी पी. एन. सिंह तथा खंड विकास अधिकारी दीपक तेवतिया की मौजूदगी में हुई।read more:https://khabarentertainment.in/the-disabled-victim-set-out-on-a-march-to-lucknow-threatening-self-immolation/बैठक में निर्णय लिया गया कि किसानों को उनके जोत क्षेत्र के अनुसार ही उर्वरकों का वितरण किया जाएगा। प्रति कृषक अधिकतम 7 बैग यूरिया और 5 बैग डीएपी दिए जाने की सीमा तय की गई, ताकि सभी किसानों को समान रूप से उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।अधिकारियों ने उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर विशेष बल देते हुए कहा कि अंधाधुंध प्रयोग से जहां लागत बढ़ती है, वहीं मिट्टी की उर्वरता पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। किसानों को जागरूक करने के लिए गांव स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।इसके साथ ही विभागीय योजनाओं के अंतर्गत ढैंचा, धान, संकर मक्का, संकर बाजरा और संकर ज्वार के बीजों की समय से बुकिंग कराने पर जोर दिया गया, ताकि आगामी फसल चक्र में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। बैठक में अन्य कृषि निवेशों की उपलब्धता और उनके प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा की गई।इस अवसर पर विषय वस्तु विशेषज्ञ सतनाम सिंह नागर, सहायक विकास अधिकारी (कृषि) जॉनी कुमार व विकास कुमार सहित क्षेत्रीय कर्मचारी रतिराम, प्रदीप कुमार, सतीश कुमार, राधेश्याम, महेंद्र सिंह और कुलदीप सिंह उपस्थित रहे।उर्वरक वितरण को लेकर तय की गई सीमा और संतुलित उपयोग पर दिया गया जोर किसानों के बीच संसाधनों के समान बंटवारे और खेती की लागत नियंत्रित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।