केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया छात्र आंदोलन की जीत 

Share
भदोही। काशी नरेश विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शनिवार यूनिवर्सिटी के गेट पर धरना देते हुए प्रदर्शन किया। जहां नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों का समर्थन किया, तो वहीं छात्रों पर हुई लाठीचार्ज तथा पुलिस द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार पर विरोध जताया गया। इस दौरान छात्रों ने इंकलाब जिंदाबाद के जमकर नारे लगाए। साथ ही भाजपा सरकार और देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा। छात्र नेता मयंक यादव ने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक पर तत्काल रोक लगाई जाए। इसके लिए कठोर कानून बनाया जाए। पेपर लीक मामले में जो भी शामिल हैं। उनके विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा छात्रों को बेरहमी से पीटा गया।read more:https://khabarentertainment.in/cattle-found-below-standards-and-shortage-of-fodder-observed-during-sdms-surprise-inspection/ जिसमें बगैर नेमप्लेट तथा बिना वर्दी पहने तथाकथित पुलिसकर्मियों ने सबसे अधिक छात्रों को बेरहमी से मारा है। ऐसे लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। वहीं छात्र नेता मोहम्मद आशिर पठान ने कहा कि पिछले 12 सालों में मोदी सरकार कोई भी परीक्षा सकुशल संपन्न नहीं करा पाई। जो सरकार की विफलताओं को दर्शाता है। उन परीक्षाओं के कारण जिन छात्रों की मौत हुई है। उसकी जिम्मेदारी सरकार को लेते हुए मृतक छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की गई। समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश सचिव जामी सिद्दिकी ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के आगे आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा और केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इसे छात्रों की जीत बताया। इस मौके पर मुलायम यादव, जीमी सिद्दीकी, बडेलाल बिंद, धीरज दुबे, लवकुश यादव, अनिल कुमार, संतोष यादव व पंकज कुमार सहित काफी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *