नगीना । गणेश उत्सव नगर के 2010 में महाराष्ट्र निवासी अपने रोजगार के कारण नगीना आकर सर्राफ़ा दुकानदारों का सोना व चांदी गलाकर अपनी गुजर बसर करने लगा। वही मराठा परिवार से तालूक रखने वाले सुनील मराठा ने अपनी धर्मपत्नी मेघा मराठा बच्चे शुभम मराठा, आशुतोष मराठा व कु. नन्दनी मराठा के साथ अपने किराए के घर मे हर वर्ष महाराष्ट्र से मिट्टी के गणपति जी मंगाकर गणेश चतुर्थी पर स्थापना कर 10 दिन तक विधि विधान से सुबह शाम पूजा-आरती के बाद अनन्त चतुर्दशी के दिन विशेष पूजा अर्चना के उपरांत उनको विसर्जित करने की परंपरा को आज नगर में एक बड़े उत्सव का रूप ले लिया है।
read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/जिसके चलते नगर के हर हिन्दू मौहल्ले में दो या दो से अधिक स्थानों सहित कुल लगभग तीन दर्जन से अधिक घरों व करीब एक दर्जन से अधिक स्थानों पर छोटे बड़े पंडालों में गणपति स्थापित कर सुबह शाम गणपति जी की पूजा आरती के कार्यक्रम आयोजित होने से पूरा नगर गणपतिमय होने लगा है। बड़े स्थानों में पंजाबी कालोनी सिद्धि विनायक मंदिर, सैनी धर्मशाला मोहल्ला लाल सराय, सेवाबाली गांवड़ी, बाल्मीकि बस्ती में दो स्थानों पर, प्रेम पुस्तकालय के पास, पंचमुखी हनुमान मंदिर, मोहल्ला सरायमीर सौरभ मित्तल मेडिकल के पास, भोले नाथ शिव मंदिर , सुनील मराठा मोहल्ला सर्राफा बाजार मीर सराय, मोहल्ला नालवन्दान, ताना मराठा मोहल्ला विश्नोई सराय, खोखर महादेव मंदिर, प्रेम पुस्तकालय के पास , मोहल्ला मानक चंद, मोहल्ला पाधान पीपल महादेव मंदिर, व पंजाबी महावीर मंदिर आदि में पांडाल में सार्वजनिक रूप से रखकर मोहल्लेवासी प्रतिदिन सुबह शाम पूजा अर्चना की जा रही है। जहाँ श्रद्धालु काफी संख्या में पहुंच कर धर्मलाभ कमा रहे है।