सहारनपुर, । संविधान निर्माता बाबा भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर देश को एक और ऐतिहासिक सौगात देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार 213 किलोमीटर लंबे दिल्ली–बागपत–सहारनपुर–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया। यह कॉरिडोर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ते हुए कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई दिशा देगा।प्रधानमंत्री के सहारनपुर आगमन पर शहर में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। रोड शो के दौरान हजारों की संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया और पूरा मार्ग जनसैलाब में तब्दील हो गया। विभिन्न स्थानों पर भारतीय सांस्कृतिक कला को दर्शाती झांकियों का प्रदर्शन किया गया, वहीं बालिकाओं के गायन ने कार्यक्रम को भावनात्मक और आकर्षक बना दिया। प्रधानमंत्री ने इन प्रस्तुतियों का उत्साहवर्धन करते हुए कलाकारों की सराहना की।इसके बाद प्रधानमंत्री ने एलिवेटेड कॉरिडोर के व्यू प्वाइंट से प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन किया तथा वन्यजीव कॉरिडोर की विशेषताओं को देखा और इसे विकास एवं पर्यावरण संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। इसके पश्चात प्रधानमंत्री माँ डाट काली मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।read more:https://khabarentertainment.in/constitution-makers-birth-anniversary-celebrated-with-great-enthusiasm-in-sonanchal/सहारनपुर के मनोहरपुर स्थित जनसभा स्थल पर कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा गया, जिसमें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (उप मुख्यमंत्री), केशव प्रसाद मौर्य (उप मुख्यमंत्री), पंकज चौधरी (केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष), धर्मपाल (प्रदेश महामंत्री संगठन भाजपा), सुनील कुमार शर्मा (मंत्री, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी एवं जनपद प्रभारी मंत्री), जसवंत सैनी (राज्यमंत्री, संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास), ब्रजेश सिंह (राज्यमंत्री, लोक निर्माण विभाग), वाईपी सिंह (चेयरमैन, सिडको), सतेन्द्र सिसोदिया (क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा), वंदना वर्मा (विधान परिषद सदस्य), मुकेश चौधरी (विधायक, नकुड़), देवेन्द्र निम (विधायक, रामपुर मनिहारान), किरत सिंह (विधायक, गंगोह), राजीव गुम्बर (विधायक, नगर), अजय कुमार सिंह (महापौर, सहारनपुर), मांगेराम चौधरी (जिला पंचायत अध्यक्ष), प्रदीप चौधरी (पूर्व सांसद), राघव लखनपाल शर्मा (पूर्व सांसद), नरेश सैनी (पूर्व विधायक) तथा जगपाल सिंह (पूर्व विधायक) सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।कार्यक्रम के दौरान बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा और इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के काष्ठकला, हौजरी, खेल उत्पाद, फल, सब्जी और खाद्यान्न को वैश्विक बाजार तक पहुंचने में आसानी होगी।उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली से देहरादून की यात्रा में पांच से छह घंटे का समय लगता था, जो अब घटकर लगभग ढाई घंटे रह जाएगा। इससे व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने कॉरिडोर से जुड़े जनपदों को औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने के निर्देश भी दिए, जिससे बेहतर कनेक्टिविटी का अधिकतम लाभ मिल सके।read more:https://khabarentertainment.in/birth-anniversary-of-bharat-ratna-baba-saheb-dr-bhimrao-ambedkar-celebrated-with-great-pomp/
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और “सेवा का मॉडल” बन रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भीमराव अंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि जैसे महापुरुषों की मूर्तियों को अब खुले में नहीं रखा जाएगा, बल्कि उनके लिए बाउंड्री वॉल एवं अन्य संरचनात्मक कार्य कराए जाएंगे।कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों में भानु भास्कर (अपर पुलिस महानिदेशक), डॉ. रूपेश कुमार (मंडलायुक्त), अभिषेक सिंह (पुलिस उपमहानिरीक्षक), मनीष बंसल (जिलाधिकारी), अभिनंदन (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक), सुमित राजेश महाजन (मुख्य विकास अधिकारी), अजीत राणा (जिलाध्यक्ष भाजपा) तथा शीतल विश्नोई (महानगर अध्यक्ष भाजपा) सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है, जिसमें कई हिस्सों को एलिवेटेड बनाया गया है ताकि वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित न हो। यह परियोजना विकास और प्रकृति के बीच संतुलन का आधुनिक उदाहरण बनकर उभरी है।यह कॉरिडोर न केवल तीन राज्यों की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।