श्रावस्ती। नारी शक्ति केवल शब्द नहीं बल्कि समाज की आधारशिला है। जब एक महिला सशक्त होती है तो न केवल परिवार, बल्कि संपूर्ण समाज प्रगति की ओर बढ़ता है। यह कहना है समाजसेवी माधुरी सिंह त्रिपाठी का। उन्होंने कहा कि नारी केवल घर नहीं संभालती, बल्कि शिक्षा और हौसले से राष्ट्र की नींव को भी सशक्त बनाती है।read more:https://khabarentertainment.in/baba-saheb-dr-bhimrao-ambedkars-135th-birth-anniversary-celebrated-with-great-pompउन्होंने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण के लिए संकल्पबद्ध है। मेरा मानना है कि महिलाओं के सशक्तिकरण के सही मायने महिलाओं को उनके अधिकार, अवसर और समानता देना है। ताकि वे स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकें, समाज परिवार में अपनी पूर्ण क्षमता से भागीदारी दिखा सकें। महिलाओं का सशक्तिकरण, उनकी शिक्षा, उनके स्वास्थ्य, राजनीतिक व आर्थिक अवसरों, समानताओं और उनकी सामाजिक स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है। जिस घर में नारी शिक्षित, संस्कारी और सशक्त होती है, उस घर का भविष्य उज्ज्वल होता है। इसलिए कहा जाता है कि यदि आप किसी पुरुष को शिक्षित करते हैं तो केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन यदि आप एक स्त्री को शिक्षित करते हैं तो पूरा परिवार और आने वाली पीढ़ियां शिक्षित हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि हमारा इतिहास नारी शक्ति के अद्भुत उदाहरणों से भरा पड़ा है। रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के खिलाफ वीरतापूर्वक लड़ाई लड़ी। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने प्रशासन और समाज सुधार के क्षेत्र में असाधारण काम किया। सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियों के लिए मार्ग प्रशस्त किया। ये उदाहरण दिखाते हैं कि जब भी समाज को बदलाव की जरूरत हुई, तब नारी ने सबसे आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाई।