पीएचसी जमानियां में सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, सफाई कर्मी से कार्यालय कार्य कराए जाने पर लोगों में आक्रोश

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गाजीपुर जमानियां। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमानियां में व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में तैनात सफाई कर्मी अपने मूल दायित्वों को छोड़कर कार्यालय का कार्य देख रहा है, जिससे अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है। लोगों का कहना है कि यह न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का भी गंभीर उदाहरण है।स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अस्पताल में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं है। मरीजों और उनके परिजनों को गंदगी का सामना करना पड़ता है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है, क्योंकि यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। यदि सफाई व्यवस्था ही प्रभावित होगी तो इसका सीधा असर मरीजों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा।अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के तहसील अध्यक्ष मोहम्मद इजहार खान ने कहा कि सफाई कर्मियों की नियुक्ति अस्पताल परिसर और वार्डों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए की जाती है, जबकि कार्यालय संबंधी कार्य लिपिकों अथवा अन्य संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी होती है।read more:https://pahaltoday.com/dm-takes-strict-action-against-negligence-in-pm-surya-ghar-yojana-directs-disposal-of-pending-loan-files-within-three-days/उन्होंने कहा कि यदि सफाई कर्मी से कार्यालय का काम लिया जा रहा है तो यह व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।मोहम्मद इजहार खान, वसीम अंसारी, वीरेंद्र कुमार, पूर्व पालिका सदस्य बृजेश जायसवाल, त्रिलोकीनाथ निषाद और सनोहर चौधरी सहित अन्य लोगों ने संयुक्त रूप से कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक डॉ. रुद्रकांत सिंह को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में जो कर्मचारी जिस पद पर तैनात है, उससे उसी प्रकार का कार्य लिया जाना चाहिए।लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार अस्पताल में सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ेगी और चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित होंगी।सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि सरकारी अस्पतालों में अनुशासन और जिम्मेदारी का पालन बेहद आवश्यक है। यदि कर्मचारी अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र से हटकर अन्य कार्य करेंगे तो इससे पूरी व्यवस्था प्रभावित होगी। उन्होंने प्रभारी चिकित्सक से मांग की कि सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए और लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।मोहम्मद इजहार खान ने कहा कि यदि कोई कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग कर रहा है अथवा अपने मूल कार्य को छोड़कर अन्य कार्य कर रहा है तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो स्थानीय लोग आंदोलन और धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर चिकित्सा सेवाओं के साथ स्वच्छ वातावरण भी आवश्यक है। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि अस्पताल की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा कर जिम्मेदार कर्मचारियों को उनके निर्धारित दायित्वों का पालन कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

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