गाजीपुर। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित गाजीपुर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं डॉ. बी.आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के डीन प्रो. डॉ. राजेंद्र राजपूत को होम्योपैथी चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘गुरुश्री-2026’ सम्मान से सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश से इस सम्मान के लिए चयनित होने वाले वे एकमात्र शिक्षक हैं, जिससे गाजीपुर का गौरव राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा है।read more:https://pahaltoday.com/major-action-by-mineral-department-2-mines-sealed-7-trucks-seized/
नई दिल्ली स्थित अमेरिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में 5 जुलाई को आयोजित समारोह में अखिल भारतीय चिकित्सक एसोसिएशन एवं रि ज्वायस हेल्थ फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में यह सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य होम्योपैथी चिकित्सा जगत के वरिष्ठ शिक्षकों, चिकित्सकों और मार्गदर्शकों के योगदान को सम्मानित करना तथा गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूत करना था।ट्रिपल पीएचडी एवं एमडी की उपाधि प्राप्त प्रो. डॉ. राजेंद्र राजपूत पिछले 25 वर्षों से होम्योपैथिक चिकित्सा शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में सक्रिय हैं। सामुदायिक चिकित्सा के आचार्य के रूप में वे कई महत्वपूर्ण पुस्तकों के लेखक हैं। इसके अलावा वे राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के विषय विशेषज्ञ तथा केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान की वैज्ञानिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष भी हैं।
सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रो. डॉ. राजपूत ने युवा चिकित्सकों को संबोधित करते हुए वर्तमान समय में होम्योपैथी की बढ़ती उपयोगिता और प्रासंगिकता पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने सेवा, अनुसंधान और नैतिक चिकित्सा पद्धति को अपनाने का संदेश दिया।रि ज्वायस फाउंडेशन के ग्लोबल प्रेसिडेंट डॉ. नवल वर्मा ने कहा कि प्रो. डॉ. राजेंद्र राजपूत का अनुभव और मार्गदर्शन नई पीढ़ी के चिकित्सकों के लिए प्रेरणास्रोत है। वहीं अखिल भारतीय चिकित्सक एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. डी.सी. प्रजापति ने कहा कि ‘गुरुश्री-2026’ सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा में गुरु-शिष्य परंपरा को सशक्त करने और वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की ऐतिहासिक पहल है।