पेंशनरों ने वरिष्ठ कोषाधिकारी के स्थानांतरण स्थगन की किया मांग

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बलिया। वरिष्ठ कोषाधिकारी कार्यालय प्रांगण में स्थित पेंशनर भवन में बुधवार की दोपहर पेंशनर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने मीडिया से बात की।पेंशनरों ने पेंशनर्स एसोसिएशन ने वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे का लखनऊ मुख्यालय स्थानांतरण पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह बलिया के लिए दुर्भाग्य है ऐसे रचनाकार अधिकारी का बलिया रहना अति आवश्यक है। पेंशनर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि दो वर्ष पहले बलिया कोषागार में तैनाती पाने वाले बलिया के वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे ने जिस कोषागार को मुख्यतः विभागीय लोगों तक सीमित पहचान वाला स्थान माना जाता था, उसे अपनी सोच,मेहनत और रचनात्मक पहल से एक अलग पहचान दिलाने का प्रयास किया। उनके कार्यों की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने सरकारी दफ्तर को सिर्फ फाइलों और कागजों तक सीमित रखने के बजाय उसे मानवीय संवेदनाओं, पर्यावरण, संस्कृति और इतिहास से जोड़ने की कोशिश की।कोषागार परिसर में पेंशनरों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त पेंशनर भवन तैयार कराया गया,ताकि उम्र के इस पड़ाव पर अपने जरूरी काम के लिए आने वाले बुजुर्गों को असुविधा न हो।
read more:https://pahaltoday.com/protest-by-the-all-gondwana-students-association-and-the-gond-community/इसके साथ ही पेंशनर्स के लिए भारत का पहला ‘पेंशनर आनंद उपवन’ का निर्माण कराया गया।दीवारों पर प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण एवं जलसंरक्षण से जुड़े संदेशों ने इस परिसर को सामान्य सरकारी परिसर से बिल्कुल अलग स्वरूप देने का काम किया।यहीं नहीं रुके पेंशनर आनंद उपवन में 1942 की क्रांति से जुड़ी ‘क्रांति कूप’ की धरोहर के जीर्णोद्धार का कार्य कराया गया। बलिया के स्वतंत्रता सेनानियों के नामों को स्वर्णिम अक्षरों में अंकित करने की पहल भी इसी सोच का हिस्सा रही।जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था कराई गई।सनातन संस्कृति और स्थानीय आस्था को भी उन्होंने परिसर के विकास से जोड़ा पेंशनर आनंद उपवन में भोलेनाथ की 8 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करना का कार्य चल रहा है जो अभी अधूरा है। कोषागार परिसर स्थित न्यायेश्वर महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया।पेंशनरों ने कहा कि परिवहन मंत्री जिस तरह विकास कार्य कर रहे हैं।हम लोग चाहते हैं कि वे आगामी चुनाव जीतकर पुनः मंत्री बनकर ऐसे ही विकास करते रहें।कहा कि हम लोग परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से इस मामले पर मुलाकात कर वरिष्ठ कोषाधिकारी का अटैचमेंट निरस्त कराने की मांग किये।जिस पर परिवहन मंत्री ने सार्थक आश्वासन दिया है।

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