सहारनपुर। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिशन शक्ति फेज-5.0 (द्वितीय चरण) के अंतर्गत सहारनपुर पुलिस द्वारा मंगलवार को पूरे जनपद में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में तैनात मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो टीमों ने बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, शिक्षण संस्थानों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं और छात्राओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों तथा विभिन्न सरकारी सहायता सेवाओं की जानकारी दी।read more:https://pahaltoday.com/on-the-147th-foundation-day-of-the-bjp-workers-lit-lamps-and-paid-tribute-to-great-men/अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने महिलाओं और बालिकाओं को बताया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, पीछा करने (स्टॉकिंग), साइबर अपराध या अन्य महिला उत्पीड़न की घटनाओं में बिना किसी भय के तत्काल पुलिस से संपर्क करें। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्रवाई की जाती है।जागरूकता कार्यक्रम में महिलाओं को 1090 महिला पावर लाइन, 112 आपातकालीन सेवा, 181 महिला हेल्पलाइन सहित अन्य महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। पुलिस टीमों ने बताया कि संकट की किसी भी स्थिति में इन हेल्पलाइन सेवाओं का तुरंत उपयोग कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।अभियान के दौरान छात्राओं और बालिकाओं को गुड टच-बैड टच के बारे में विस्तार से समझाया गया। उन्हें बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति अनुचित व्यवहार करता है तो तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को इसकी जानकारी दें। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए मिशन शक्ति टीमों ने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा न करने, बैंकिंग धोखाधड़ी और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। महिलाओं को सलाह दी गई कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क करें।महिलाओं को आत्मरक्षा के प्रति भी प्रेरित किया गया। पुलिस टीमों ने कहा कि जागरूकता और आत्मविश्वास किसी भी अपराध के विरुद्ध सबसे प्रभावी हथियार हैं। यदि कोई महिला या बालिका किसी भी प्रकार के उत्पीड़न का सामना करती है तो उसे चुप रहने के बजाय तत्काल शिकायत दर्ज करानी चाहिए।सहारनपुर पुलिस ने अभियान के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि मिशन शक्ति केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण का जनआंदोलन है। पुलिस लगातार जनसहभागिता बढ़ाकर महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने की दिशा में कार्य कर रही है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान आगामी दिनों में भी लगातार जारी रहेगा और स्कूलों, कॉलेजों, गांवों तथा शहरी क्षेत्रों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक महिलाएं और बालिकाएं अपने अधिकारों एवं सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक हो सकें।