कानपुर देहात जनपद में बरगदही अमावस्या को वट सावित्री अमावस्या भी कहते हैं यह ज्येष्ठ माह की अमावस्या को मनाई जाती है और उत्तर भारत में खास कर सुहागिन महिलाओं का बड़ा त्यौहार है read more:https://pahaltoday.com/dm-takes-strict-action-against-negligence-in-pm-surya-ghar-yojana-directs-disposal-of-pending-loan-files-within-three-days/यह व्रत सावित्री और सत्यवान की कथा से जुड़ा है मानता है कि सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण एवं राज्य से वट वृक्ष के नीचे ही वापस लिए थे इसलिए इस दिन वट- बरगद के पेड़ की पूजा होती है यह व्रत जनपद के विभिन्न गांव में मनाया गया इसी प्रकार तहसील रसूलाबाद क्षेत्र के सिठऊ पूरवा मे सुहागिन महिलाओं ने व्रत रखकर पति की लंबी उम्र के लिए पूजा की