हरिकृष्ण कश्यप कानपुर नगर थाना चकेरी क्षेत्र के श्याम नगर में स्थित पवन ज्वैलर्स के खिलाफ धारा 420 (ठगी) के तहत मामला दर्ज कराया गया है। पीड़ित ग्राहक ने दावा किया है कि ज्वैलर ने सात साल पहले खरीदी गई सुनहरी चोकर को बिना पक्का बिल और मिलावट के साथ बेचा था, जबकि बाद में उसे कम मूल्य पर वापस लेने या गिरवी रखने का प्रस्ताव देकर ठगी की कोशिश की गई।7 अप्रैल 2019: पीड़ित ने श्याम नगर स्थित पवन ज्वैलर्स (C-40/A) से 42.360 ग्राम वजन की सोने की चोकर 1,36,400 रुपये में खरीदी। दुकानदार ने इसे 22 कैरेट बताकर बेचाबिल और प्रमाणीकरण की कमीः दुकानदार ने ग्राहक को कच्चा बिल दिया जिसमें सोने का कैरेट, GST, मेकिंग चार्ज व हॉलमार्क का उल्लेख नहीं था। पक्का बिल मांगने पर दुकानदार बार-बार इन्कार करता रहा।read more :https://khabarentertainment.in/administration-gears-up-for-kanwar-yatra-divisional-commissioner-issues-strict-directives/20 अप्रैल 2026: जब ग्राहक को पैसों की जरूरत पड़ी और वह चोकर वापस बेचने गया तो ज्वैलर ने गिरवी रखने का प्रस्ताव दिया 2.50% ब्याज पर चोकर गिरवी रखकर 4 लाख रुपये देने का ऑफर। पक्का बिल की मांग होने पर दुकानदार ने फिर इंकार कर दिया।जांच में मिलावट का संकेतः अन्य ज्वैलरों और जाँच रिपोर्टों के अनुसार चोकर की शुद्धता लगभग 75% निकलने की बात सामने आई, जिस कारण कई ज्वैलरों ने इसे खरीदने से मना कर दिया।रिकॉर्डेड बातचीतः ग्राहक ने दुकानदार के साथ कई बार हुई मोबाइल रिकॉर्डिंग भी जमा कराई।
रिकॉर्डेड बातचीतः ग्राहक की ज्वैलर सी कई बार हुई मोबाइल रिकॉडिग में भी इस बात का करार है, जिसमें बिल न देने और पक्का बिल दिखाने से लगातार मना करने का स्पष्ट सबूत मौजूद है।कानूनी प्रक्रियाः शिकायत को पहले कमिश्नर कार्यालय में भेजा गया था, वहां से विधिक सलाह लेने पर प्रथम दृष्टि में ठगी का मामला माना गया और मामला थाना चकेरी भेजा गया। विवेचना श्याम नगर चौकी इंचार्ज कुलदीप यादव को सौंपी गई है। पीड़ित का कहना है कि सही जांच होने पर इस तरह के कई और मामले उजागर हो सकते हैं।*पुलिस की स्थिति*शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने औपचारिक तौर पर धारा 420 के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है और पड़ताल शुरू कर दी है। श्याम नगर चौकी इंचार्ज कुलदीप यादव मामले की गहनता से जाँच कर रहे हैं तथा दुकान के बिल-रेकार्ड, खरीददारों के बयानों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों (रिकॉर्डिंग) की पड़ताल की जा रही है।
ज्वैलर्स की रिकार्डिंग, बिल-पुस्तक और इन्वेंटरी की जांच के दौरान और शिकायतें सामने आ सकती हैं।