राजीव जायसवाल बड़हलगंज। पटना चौराहे के समीप कल्याण नगर में सड़क के किनारे दर्जनों मीट और मुर्गे की दुकानों को लेकर शिकायत की गई है। इसी वार्ड की निवासी कक्षा एक की छात्रा काव्या गुप्ता ने सोशल मीडिया के जरिए गोरखपुर के जिलाधिकारी से गुहार लगाई है। छात्रा का कहना है कि खुले में मांस की दुकानों के कारण स्कूल जाते समय डर लगता है। ये दुकानें जोहरा हॉस्पिटल के सामने कॉलेज रोड स्थित आवासीय क्षेत्र के बीच संचालित हो रही हैं। छात्रा और उसके परिजनों ने दुकानों की जांच कर नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की मांग की है।सोमवार को काव्या अपने परिजनों के साथ गोरखपुर जिलाधिकारी से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराने पहुंची थी। हालांकि उस समय जिलाधिकारी मौजूद नहीं थे। इसके बाद शिकायत पत्र उनके मातहत अधिकारियों को सौंपा गया। छात्रा के पिता सोनू गुप्ता ने बताया कि जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी तो वह पुलिस कप्तान डॉ. कौस्तुभ से मिले। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।छात्रा के पिता सोनू गुप्ता ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी और अध्यक्ष को भी शिकायत पत्र देकर दुकानों की मौके पर जांच कराने की मांग की थी ।read more:https://pahaltoday.com/ballia-police-receive-two-modern-interceptor-bikes-sp-omvir-singh-flags-them-off/शिकायतकर्ता सोनू गुप्ता, डॉ. श्रीराम गुप्ता, प्रेम प्रकाश तिवारी, आलोक बर्नवाल, सत्यजीत, वंशराज गुप्ता सहित अन्य मोहल्लेवासियों का कहना है कि यह इलाका घनी आबादी वाला है। दुकानों के आसपास कई घर और अस्पताल हैं। यहां मांस और मुर्गे की कटाई, सफाई एवं बिक्री से बदबू, गंदगी और मक्खियों की समस्या होने की बात कही गई है। मुख्य मार्ग होने के कारण यहां से गुजरने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, खून, पंख और मांस के बचे हुए हिस्सों के अनुचित निस्तारण से आसपास का वातावरण प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।शिकायत में दुकानों के संचालन की कानूनी अनुमति, लाइसेंस और अन्य जरूरी मंजूरियों की जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही एफएसएसएआई पंजीकरण, खाद्य सुरक्षा एवं साफ-सफाई के नियमों के पालन तथा जैविक कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था की भी जांच का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा सार्वजनिक रास्ते, नाली अथवा किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर अतिक्रमण की जांच कराने की मांग की गई है।शिकायतकर्ता सोनू गुप्ता ने कहा कि यदि दुकानें बिना वैध अनुमति या निर्धारित नियमों के विपरीत संचालित पाई जाती हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। यदि मौजूदा स्थान पर दुकानों का संचालन नियमों के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो उन्हें बंद कराकर किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित कराया जाए।