जनपद में फर्जी फर्मों के माध्यम से बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी किए जाने के मामले में क्राइम ब्रांच फतेहगढ़ की टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस संगठित आर्थिक अपराध में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो लंबे समय से कूटरचित दस्तावेजों के सहारे बोगस कंपनियां संचालित कर टैक्स की हेराफेरी कर रहा था।प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोतवाली के तत्कालीन उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह की तहरीर के आधार पर कुछ दिन पूर्व संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की जांच के दौरान खुलासा हुआ कि कायमगंज क्षेत्र की नई बस्ती निवासी खुसनूद ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर कई काल्पनिक फर्मों का गठन किया। इन फर्मों के जरिए फर्जी लेन-देन दिखाकर जीएसटी चोरी की जा रही थी, जिससे शासन को भारी राजस्व हानि पहुंच रही थी।मंगलवार को क्राइम ब्रांच फतेहगढ़ के प्रभारी निरीक्षक राम अवतार ने अपनी टीम के साथ मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी खुसनूद को गिरफ्तार कर लिया।read more:https://khabarentertainment.in/14-prominent-social-workers-were-honored-on-baba-sahebs-birth-anniversary/ पुलिस पूछताछ में आरोपी ने फर्जी फर्मों के जरिए टैक्स चोरी करने की बात स्वीकार की है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस अब आरोपी से जुड़े अन्य लोगों और संभावित साझेदारों की भी तलाश में जुट गई है।अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की आर्थिक आपराधिक गतिविधियां न केवल कानून का गंभीर उल्लंघन हैं, बल्कि इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान होता है। इसका सीधा असर विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं पर पड़ता है।फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना जताई जा रही है।