बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में विधानसभा निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2026 और जनगणना-2027 की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची का प्रारूप 12 नवंबर को प्रकाशित होगा, जबकि 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इनके निस्तारण के बाद 4 जनवरी 2027 को निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
डीएम ने बताया कि एक जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए फार्म-6 भरवाया जाएगा। जनपद के आठ विधानसभा क्षेत्रों में 11 अप्रैल से 5 नवंबर 2026 तक 45,715 फार्म-6 प्राप्त हुए हैं। इनमें 18-19 वर्ष आयु वर्ग के 9,896 आवेदन शामिल हैं। इसके अलावा 14,777 फार्म-7 और 39,545 फार्म-8 प्राप्त हुए हैं। युवाओं को मतदाता पंजीकरण के प्रति जागरूक करने के लिए जिले की 388 शिक्षण संस्थाओं में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब गठित किए गए हैं। 21-22 नवंबर और 28-29 नवंबर को विशेष अभियान दिवसों पर बूथों पर ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी मिलेगी।
16 नवंबर से शुरू होगी स्वगणना
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 के दूसरे चरण में 16 से 30 नवंबर 2026 तक आमजन को पहली बार स्वगणना की सुविधा मिलेगी। परिवार के सदस्य [https://se-census.gov.in](htt ps://se-census.gov.in?utm_ source=chatgpt.com) पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने पर एक विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी, जिसे घर पहुंचने वाले प्रगणक को दिखाना होगा। इसके बाद एक दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे। इस कार्य के लिए जिले में 10 प्रतिशत रिजर्व सहित कुल 8,555 प्रगणक एवं सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं।read more:https://pahaltoday.com/ballia-police-receive-two-modern-interceptor-bikes-sp-omvir-singh-flags-them-off/
40 सवालों से जुटेगी जानकारी
डीएम ने बताया कि जनगणना में परिवार के सदस्यों की आयु, लिंग, जन्मस्थान, वैवाहिक स्थिति, धर्म, मातृभाषा, शिक्षा, रोजगार, आजीविका, प्रवासन, दिव्यांगता और बैंकिंग सुविधाओं से संबंधित कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। इन आंकड़ों के आधार पर भविष्य की विकास योजनाओं, सरकारी सुविधाओं और जनकल्याणकारी नीतियों का निर्धारण किया जाएगा। जनगणना देश की 16वीं और आजादी के बाद आठवीं जनगणना है। पहली बार इसकी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है।
गोपनीय रहेंगे व्यक्तिगत आंकड़े
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान जुटाई जाने वाली व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसे जनगणना अधिनियम-1948 के तहत कानूनी संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने लोगों से प्रगणकों को सही जानकारी देने की अपील की। साथ ही चेताया कि किसी को भी बैंक पासवर्ड, एटीएम पिन, यूपीआई पिन या ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी न दें।उन्होंने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण में 22 मई से 20 जून 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना हो चुकी है। दूसरे चरण के बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य होगा। बेघर लोगों की गणना के लिए भी विशेष कार्ययोजना बनाई जा रही है। कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का प्रावधान है।जनगणना संबंधी जानकारी और शिकायत के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1855 तथा व्हाट्सएप चैटबॉट 18001801855 जारी किया गया है। इस दौरान एडीएम एफआर सहित अन्य अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।