जमानियां। विजयदशमी के अवसर पर तहसील मुख्यालय के सामने स्थित रामलीला मैदान में श्रीराम और रावण के युद्ध का जीवंत मंचन किया गया। रावण वध का दृश्य देखने के लिए मैदान में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। जैसे ही भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया, पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व उत्साह के साथ मनाया।रामलीला में कलाकारों ने लंका के राजा रावण और भगवान श्रीराम के बीच हुए युद्ध का प्रभावशाली मंचन किया। जब श्रीराम के बाणों से रावण के शीश कटने के बाद फिर जुड़ने लगे, तब विभीषण ने भगवान श्रीराम को रावण की नाभि में अमृत होने का रहस्य बताया। इसके बाद श्रीराम ने नाभि पर सटीक बाण चलाकर रावण का अंत किया। इस दृश्य के साथ ही अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया गया।ब्राह्मण पुजारी उद्धव पांडेय ने बताया कि विजयदशमी केवल रावण वध का पर्व नहीं, बल्कि अहंकार, अन्याय और अधर्म के अंत का प्रतीक है। भगवान श्रीराम ने मर्यादा, संयम और कर्तव्य का पालन करते हुए रावण पर विजय प्राप्त की।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette यह पर्व संदेश देता है कि अंततः सत्य और धर्म की ही जीत होती है।उन्होंने कहा कि रावण का पतन यह भी सिखाता है कि ज्ञान, शक्ति और वैभव होने के बावजूद अहंकार तथा अधर्म का मार्ग विनाश की ओर ले जाता है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हर वर्ष रामलीला के माध्यम से रावण वध का मंचन किया जाता है।दशहरा पर्व के दौरान श्रद्धालुओं ने दुर्गा पंडालों में पहुंचकर पूजा-अर्चना और दर्शन किए। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उपजिलाधिकारी निधि, क्षेत्राधिकारी अंकित तिवारी, तहसीलदार जितेंद्र कुमार और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ क्षेत्र में भ्रमण करते रहे।इस अवसर पर प्राचीन रामलीला समिति ट्रस्ट के पदाधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता, अनिल कुमार गुप्ता, संतोष कुमार पांडेय, संजीत यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।