गाजीपुर । जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने विकासखंड करण्डा का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ब्लॉक कार्यालय के विभिन्न विभागीय अभिलेखों, योजनाओं की प्रगति और कार्यों की गुणवत्ता की गहन समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा और स्वच्छ भारत मिशन सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालय की साफ-सफाई, अभिलेखों के रख-रखाव, आईजीआरएस, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र तथा प्रधानमंत्री आवास प्लस के सर्वेक्षण फीडिंग की भी समीक्षा की।read more:https://khabarentertainment.in/patriotic-songs-echoed-in-mushaira-and-kavi-mahotsav/
निरीक्षण के दौरान एडीओ पंचायत करण्डा की अनुशासनहीनता और कार्यों में खराब प्रगति सामने आने पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित का वेतन रोकने और चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों की फाइल प्रतिदिन एसडीएम को प्रेषित करने के आदेश दिए। मनरेगा सेल के कंप्यूटर ऑपरेटर की लापरवाही पर भी वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि एक माह के भीतर सभी विकास खंडों के शौचालयों का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित प्रेरणा कैंटीनों को प्रतिदिन संचालित रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आमजन की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए।इसके उपरांत जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करण्डा का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधीक्षक कार्यालय, ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड, प्रसूति कक्ष, टीकाकरण कक्ष, लैब और दवा वितरण केंद्र का जायजा लेते हुए साफ-सफाई, उपकरणों की उपलब्धता और दवाओं के स्टॉक की स्थिति की समीक्षा की। मरीजों से बातचीत कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी ली।निरीक्षण के दौरान ब्लॉक हेल्थ वर्कर विपिन कुमार यादव के अनुपस्थित पाए जाने पर उनका वेतन रोकने और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने चिकित्सकों और स्टाफ को निर्देशित किया कि मरीजों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, पेयजल और शौचालय व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए।इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी करण्डा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।