तीन हजार आबादी की जीवनरेखा बनी बदहाल सड़क, वर्षों से विकास की राह देख रहे ग्रामीण

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सोनभद्र। घघरी ग्राम पंचायत के तेंदुघुटरा से बभनी को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। दशकों से जर्जर और उपेक्षित पड़े मार्ग के विरोध में ग्रामीणों ने नर्सरी रोड के पास एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पूरे क्षेत्र में सड़क नहीं तो वोट नहीं और हम अपना अधिकार मांगते हैं, किसी से भीख नहीं जैसे नारों की गूंज सुनाई दी।read more:https://pahaltoday.com/star-hospital-is-proving-to-be-a-boon-for-poor-and-helpless-patients/
ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग तीन हजार की आबादी वाले घघरी पंचायत के लोग वर्षों से सड़क की समस्या झेल रहे हैं। वन भूमि और विभागीय अड़चनों का हवाला देकर सड़क निर्माण का मामला लगातार टाला जाता रहा है, जबकि इसी मार्ग से बच्चों को स्कूल, मरीजों को अस्पताल और ग्रामीणों को बाजार तक पहुंचना पड़ता है। धरने को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक उमंग गुप्ता और विनय गुप्ता ने कहा कि यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं बल्कि हजारों लोगों की जीवनरेखा है। सड़क के अभाव में क्षेत्र विकास से कोसों दूर है और ग्रामीणों को हर दिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। धरना समाप्ति के बाद ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण की मांग की जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि 45 दिनों के भीतर सड़क निर्माण की दिशा में ठोस और धरातलीय कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जरूरत पड़ने पर जनांदोलन को जिला मुख्यालय तक ले जाया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन आज भी गांव की सबसे बुनियादी जरूरत सड़क पूरी नहीं हो सकी है। इससे लोगों में भारी नाराजगी है। मौके पर उमंग गुप्ता, विनय गुप्ता, अच्छेलाल, उमाशंकर, रामबिलास, गोरेलाल, धनप्रसाद सोनी, बहादुर सोनी, मेघनाथ गुप्ता, प्रवीन कुमार गुप्ता, संतोष कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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