*माता-पिता के निधन के बाद नहीं मानी हार, युवा उद्यमी योजना से बदली मनीष की तकदीर*

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*फिरोजाबाद*। जीवन में आई विपरीत परिस्थितियों के आगे हार मानने के बजाय संघर्ष को अपनी ताकत बनाकर मनीष कुमार ने सफलता की नई इबारत लिखी है। माता-पिता के निधन और परिवार के बिखरने के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे मनीष को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का सहारा मिला। योजना के तहत मिले पांच लाख रुपये के ऋण ने उनके छोटे से फैमिली ढाबे को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया।मनीष कुमार ने बताया कि वर्ष 2015 में पिता और 2016 में माता का निधन हो गया। इसके बाद भाइयों ने भी अलग राह चुन ली। परिवार का सहारा छिनने से पढ़ाई और रोजगार दोनों पर संकट खड़ा हो गया। ऐसे में अपनी थोड़ी-सी जमीन पर उन्होंने एक छोटा फैमिली ढाबा शुरू किया, लेकिन संसाधनों के अभाव में व्यवसाय आगे नहीं बढ़ पा रहा था।read more:https://khabarentertainment.in/meritorious-students-honored-at-klgm-inter-college-incentive-amount-of-%e2%82%b961000-distributed/ फ्रिज और फ्रीजर जैसी सुविधाएं न होने से खाद्य सामग्री जल्दी खराब हो जाती थी और रोजाना थोड़ी-थोड़ी मात्रा में सामान खरीदना पड़ता था।इसी दौरान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत आवेदन करने पर उन्हें बैंक के माध्यम से पांच लाख रुपये का ऋण मिला। इस राशि से उन्होंने फ्रिज, डाइनिंग टेबल, कुर्सियां और नए बर्तन खरीदे। साथ ही अब वह कच्चा माल थोक में खरीदकर सुरक्षित रख रहे हैं, जिससे लागत में कमी आई और ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं मिलने लगीं।आज मनीष का फैमिली ढाबा सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। वह आत्मनिर्भर बनने के साथ अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।मनीष कुमार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना ने उन्हें नया जीवन और नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि इस योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें सफल उद्यमी बनने का अवसर दिया और अब वह सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।

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