बाराबंकी। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिस तरह से देश में जातीय राजनीति की परिभाषा बदलने पर काम कर रही है, उसे देखते हुए बसपा के सामने लगातार चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों से चुनाव नतीजों पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के अयोध्या मंडल के मुख्य प्रभारी अजय गौतम ने बेबाक राय रखते हुए भाजपा की जीत को जनादेश बताया है। उन्होंने कहा, भाजपा, कांग्रेस और सपा जैसी जातिवादी पार्टियां गरीबों, मजदूरों, दलितों, पिछड़ों, मुस्लिमों और अन्य अल्पसंख्यकों की हितैषी नहीं, बल्कि कई मामलों में शोषक हैं। इन सभी लोगों का हित केवल अम्बेडकरवादी बसपा में सुरक्षित है, जिसकी मिसाल उत्तर प्रदेश में देखी जा सकती है। बसपा की बहुजन पॉलिटिक्स के साथ मायावती ने 2007 में सर्वजन की सियासत पर क़दम बढ़ाया था, जिसके दम पर पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई। मायावती जी ने दलित वोटों के साथ अति-पिछड़े, मुस्लिम और ब्राह्मण की सियासी केमिस्ट्री बनाई थी। उत्तर प्रदेश के 2027 चुनाव को देखते हुए बसपा ने फिर से सोशल इंजीनियरिंग पर काम शुरू कर दिया है।read more:https://pahaltoday.com/the-struggle-will-continue-until-nisha-gets-justice-shravan-raj/ अजय गौतम कहते हैं, बसपा का 20 से 25 प्रतिशत स्थायी वोट है। या तो वो उठता है, या फिर इतना ही रहता हैं। हम लोग बाबा साहेब आंबेडकर और मान्यवर कांशी राम के सिद्धांतों पर काम करते रहते हैं और करते रहेंगे। इस समय उत्तर प्रदेश में परिवर्तन की लहर चल रही हैं। उत्तर प्रदेश में लोग मांग कर रहे हैं कि बदलाव हो। हमारा यही मानना है कि क़ानून व्यवस्था, विकास और शान्ति, इन सब मामलों में बसपा सबसे मुखर और प्रखर रही हैं। हम शून्य से शिखर तक पहुँचे हैं, हम लोग शिखर पर फिर से पहुँचने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुसलमान समाज को बहन जी से काफी उम्मीद है। वह यह जानता है बसपा ही एक मात्र पार्टी है जोकि बीजेपी को कमजोर कर सकती है।