*ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए कैल्शियम और विटामिन-डी जरूरी*

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फिरोजाबाद*। विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस के अवसर पर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के अस्थि रोग विभाग की ओर से मंगलवार को जन जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें चिकित्सकों, मेडिकल छात्र-छात्राओं और स्वास्थ्यकर्मियों को हड्डियों की कमजोरी से होने वाली बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी दी गई।महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. योगेश कुमार गोयल के मार्गदर्शन में आयोजित गोष्ठी में अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. विपुल अग्रवाल ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर और भुरभुरी होने लगती हैं। इस स्थिति में मामूली चोट या झटके से भी हड्डी टूटने का खतरा बढ़ जाता है। बीमारी के शुरुआती लक्षण स्पष्ट नहीं होने के कारण इसे साइलेंट बीमारी भी कहा जाता है।उन्होंने बताया कि हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। दूध, दही, हरी सब्जियां और मेवे जैसे कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करना लाभकारी है। इसके साथ ही विटामिन-डी की पर्याप्त मात्रा, नियमित व्यायाम, योग और सुबह की धूप भी हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
*50 वर्ष की आयु के बाद जांच कराने की सलाह*
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि 50 वर्ष की आयु के बाद, विशेषकर मेनोपॉज के बाद महिलाओं को हड्डियों के घनत्व की जांच कराने पर ध्यान देना चाहिए। धूम्रपान और शराब के सेवन से भी बचना चाहिए।गोष्ठी में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दिए गए और हड्डियों को स्वस्थ रखने के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया गया।

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