बहराइच। राजधानी लखनऊ में अधिवक्ताओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में पूरे जनपद बहराइच में वकीलों का आक्रोश खुलकर सामने आया। बहराइच कलेक्ट्रेट से लेकर तहसील कैसरगंज और नानपारा तक अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।बहराइच कलेक्ट्रेट में अधिवक्ता संघ अध्यक्ष राजेश शुक्ला की अध्यक्षता में बड़ी संख्या में वकील एकत्र हुए और जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा कि चैंबर्स हटाने के दौरान किया गया लाठीचार्ज निंदनीय है और अधिवक्ताओं के सम्मान पर सीधा प्रहार है। राजेश शुक्ला ने बताया कि प्रशासन द्वारा करीब 200 चैंबर्स हटाए गए, जिनमें 72 को अवैध बताया गया, लेकिन कार्रवाई का तरीका गलत था।वहीं कैसरगंज तहसील में बार एसोसिएशन अध्यक्ष विनोद सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर विरोध प्रदर्शन किया। उपजिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को भेजे गए ज्ञापन में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई। महामंत्री वीरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि 17 मई 2026 को लखनऊ में हुआ लाठीचार्ज लोकतांत्रिक व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर सीधा हमला है।read more:https://pahaltoday.com/warning-of-indefinite-strike-from-may-26/दूसरी ओर नानपारा तहसील में अधिवक्ता एसोसिएशन अध्यक्ष निरंकार प्रसाद जायसवाल एवं महामंत्री हरि ओम शंकर शुक्ला के नेतृत्व में सैकड़ों वकीलों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने तहसीलदार शैलेश अवस्थी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग उठाई। इस दौरान नायब तहसीलदार हर्षित पांडे भी मौजूद रहे।अधिवक्ताओं ने एक सुर में कहा कि लखनऊ की घटना दुर्भाग्यपूर्ण, अमानवीय और निंदनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।