इकरा हसन के समर्थन में उतरे अखिलेश बोले- गुनाह तो बताइए?

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सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। सांसद इकरा हसन ने पुलिस प्रशासन पर जबरन थाने में बिठाने और हिरासत में लेने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव उनके समर्थन में उतर आए हैं और उन्होंने सरकार व पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कैराना से सपा सांसद इकरा हसन जसाला गांव की एक बुजुर्ग महिला के साथ पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) से मिलने पहुंची थीं। महिला के बेटे की कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी और वे इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही थीं। सांसद का आरोप है कि पीड़ित पक्ष की मांगों को अनसुना कर दिया गया। जब वे कार्यालय के बाहर पार्किंग एरिया में दूसरी अर्जी तैयार कर रही थीं, तभी भारी पुलिस बल ने वहां पहुंचकर उन पर ट्रैफिक व्यवस्था में बाधा डालने का आरोप लगाया। इकरा हसन के अनुसार, उन्हें और उनके साथियों को गाड़ी में बिठाकर महिला पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां करीब 10 मिनट तक हिरासत में रखने के बाद उन्हें रिहा किया गया। सांसद ने ट्रैफिक बाधित करने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके पास गाड़ी सही जगह पार्क होने के वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं। इस घटना के बाद मामला तब और बढ़ गया जब शांति भंग करने के आरोप में पूर्व राज्य मंत्री मंगेराम कश्यप सहित पांच सपा नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।read more:https://pahaltoday.com/educational-tours-will-develop-mutual-interaction-and-memory-power-among-students-sunil-singh/इसकी जानकारी मिलते ही इकरा हसन तुरंत सदर बाजार पुलिस स्टेशन पहुंचीं और गिरफ्तार नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गईं। इस दौरान उनकी पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस भी हुई। सांसद के समर्थन में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता थाने पहुंचे, जिसके चलते इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब किसी को सिर्फ न्याय के लिए आवाज उठाने की वजह से हिरासत में ले लिया जाता है, तो वही पल कलियुग होता है। उन्होंने पूछा कि पार्टी की सांसद का अपराध बस इतना था कि वह उस मां की मदद कर रही थीं जिसने अपना बेटा खो दिया है और जो इस संवेदनहीन शासन में न्याय के लिए भटक रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि इस तरह की तानाशाही को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। फिलहाल, थाने के बाहर सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन और इस मामले को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार जारी है।

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